फरवरी महीने में ही UP में अप्रैल सी गर्मी, हमीरपुर में पारा 32 डिग्री के पार, वाराणसी और कानपुर का ये है हाल
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक यूपी में आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा. सभी 75 जिलों को मौसम विभाग ने ग्रीन जोन की स्थिति में रखा है. इस दौरान आसमान साफ होगा और दिन चढ़ने के साथ धूप भी खिली रहेगी. हालांकि, तापमान में जरूर 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है.
मार्च आते-आते ठंड की विदाई और मौसम में गर्माहट आ गई है. फरवरी के आखिरी हफ्ते में अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है. यूपी में अधिकतम तापमान 32 डिग्री पार कर चुका है. वहीं, न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री के पास दर्ज किया जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों में खासा इजाफा होगा.
ग्रीन जोन की स्थिति में सभी 75 जिले
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक यूपी में आज मौसम शुष्क रहेगा. सभी 75 जिलों को मौसम विभाग ने ग्रीन जोन हैं. बारिश,आंधी और कोहरे को लेकर कोई चेतावनी नहीं जारी हुई है. 28 फरवरी को भी प्रदेश के सभी जिलों में आसमान साफ होगा और दिन चढ़ने के साथ धूप भी खिली रहेगी. 1,2 और 3 मार्च को भी मौसम ऐसा ही रखने का पूर्वानुमान जारी है. हालांकि, तापमान में जरूर 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है.
आने वाले पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा असर नहीं
होली से पहले एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. लेकिन यह कमजोर विक्षोभ बताया जा रहा है. इसका यूपी में ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. इस विक्षोभ के चलते बारिश की संभावनाएं ना के बराबर हैं. लेकिन इसकी वजह से अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो सकता है.
हमीरपुर रहा सबसे गर्म जिला
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे गर्म जिला हमीरपुर रहा. यहां अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री पाया गया. फिर वाराणसी और बांदा में 31.8, झांसी में 31.1 और आगरा में 31 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं, अगर न्यूनतम तापमान को देखा जाए तो अयोध्या पहले स्थान पर रहा. यहां न्यूनतम तापमान 11.5 पाया गया. फिर नजीबाबाद में 12, कानपुर में 12, बहराइच में 12.2 और प्रयागराज में 12.5 दर्ज किया गया.
ऐसे मौसम में बीमार होने की संभावना अधिक
बता दें कि न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तकरीबन 20 डिग्री तक का अंतर दर्ज किया जा रहा है. इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर हो सकता है. कम और ज्यादा होते तापमान के चलते बड़ी संख्या में लोग बीमार हो सकते हैं. डॉक्टर्स और क्लिनिक पर सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है. ऐसे में तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच खुद का ख्याल रखना जरूरी हो जाता है.