उमाशंकर सिंह की कंपनियों का दो साल में दोगुना कारोबार, सरकारी ठेकों में भरमार, इनकम टैक्स के छापे में बड़ा खुलासा
पिछले साल CAG (कैग) की रिपोर्ट में उमाशंकर सिंह की कंपनियों द्वारा अवैध खनन से सरकार को 60 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि पहुंचाने का खुलासा हुआ था. अब आयकर छापे में यह बात सामने आ रही है कि पिछले 2 सालों के अंदर उनकी कंपनियों के कारोबार में दोगुना इजाफा हुआ है.
बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी में न सिर्फ 10 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद हुई है, बल्कि उनके कारोबार का भारी विस्तार भी सामने आया है. जांच में पता चला है कि विधायक और उनकी कंपनियों का कारोबार सिर्फ दो वर्षों में ही दोगुना हो गया. खासतौर पर खनन, सड़क निर्माण और अन्य सरकारी ठेकों में उनकी कंपनियों का दबदबा रहा. इन ठेकों से जुड़े सैकड़ों दस्तावेज छापे में बरामद हुए हैं.
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के यहां आयकर विभाग की तलाशी के दौरान विभिन्न स्थानों से कागज के पन्ने, डायरी, हाथों से नोट्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जो बेहिसाब लेन-देन और वित्तीय हेराफेरी की ओर इशारा कर रही है. आयकर विभाग अब यह जांच कर रहा है कि उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों की कंपनियों ने कुल कितने खनन पट्टे हासिल किए और उसमें से वास्तविक खनन कितना हुआ.
60 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि का हुआ खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल CAG (कैग) की रिपोर्ट में उमाशंकर सिंह की कंपनियों द्वारा अवैध खनन से सरकार को 60 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि पहुंचाने का खुलासा हुआ था. माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर आयकर विभाग ने यह व्यापक छापेमारी की. विभाग की टीम बलिया, मिर्जापुर और सोनभद्र के खनन क्षेत्रों में भी गहन जांच कर रही है. छापे जारी है.
उमाशंकर सिंह के समधी दिनेश प्रताप सिंह ने साधी चुप्पी
छापे में 10 करोड़ नकदी बरामद होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मची हुई है. बुधवार यानी 25 फरवरी को तीखा बयान देने वाले उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जो उमाशंकर सिंह के समधी हैं. उन्होंने गुरुवार यानी 26 फरवरी को मीडिया से दूरी बना ली. उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर छापे को ‘राजनीतिक साजिश’ बताया था, लेकिन अब मीडिया से पूरी दूरी बना ली है.
कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं उमाशंकर सिंह
विधायक उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा सीट से बसपा के इकलौते विधायक हैं और निर्माण-खनन क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं. उनकी कंपनी छात्रशक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के गोमतीनगर ऑफिस से सबसे ज्यादा नकदी बरामद हुई थी. आयकर विभाग अब बरामद दस्तावेजों, नकदी और CAG रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
उमाशंकर सिंह पर दर्ज हो सकता है मुकदमे
आयकर विभाग की तरफ से पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद टैक्स चोरी, बेनामी संपत्ति और अवैध खनन के मामलों में मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं. यह छापा उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल के लिए भी असुविधाजनक साबित हो रहा है, क्योंकि एक सत्ताधारी मंत्री के रिश्तेदार होने के बावजूद उमाशंकर सिंह पर कार्रवाई हुई है.
‘उमाशंकर सिंह के पास 52 करोड़ की संपत्ति’
साल 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में पूरे प्रदेश के अंदर बसपा को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी. रसड़ा विधानसभा से उमाशंकर सिंह बसपा से जीतने वाले एकमात्र प्रत्याशी थे. 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उमाशंकर सिंह के पास 52 करोड़ की संपत्ति है. उमाशंकर सिंह की पत्नी पुष्पा सिंह C. S. INFRACONSTRUCTION की मैनेजिंग डायरेक्टर है. यह कंपनी सड़क निर्माण करने वाली बड़ी कंपनियों में से एक है.
2024-25 में इस कंपनी का था 10 हजार करोड़ का टर्नओवर
इसकी शुरुआत 2002 में उमाशंकर सिंह ने की थी. बाद में पत्नी को मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया गया. 2024-25 में इस कंपनी ने 10 हजार करोड़ का टर्नओवर किया था. इस कंपनी के पास आधा दर्जन से अधिक हॉट मिक्स प्लांट और क्रेशर है. कंपनी के नाम पर 250 से अधिक ट्रेलर (डंपर) के साथ ही दो पेट्रोल पंप भी है. इसके अलावा C.S. LUXURY HOTELS नाम की कंपनी में उमाशंकर की पत्नी पुष्पा सिंह के साथ ही बेटा योकेश सिंह भी डायरेक्टर है. इस कंपनी के कई होटल और रिसॉर्ट बताए जाते हैं.
उमाशंकर सिंह के बीमार होने की है चर्चा
बलिया की रसड़ा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक उमाशंकर सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हैं. उनका इलाज अमेरिका में चल रहा है. बताया जाता है कि उन्हें कैंसर है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की है. यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी उमाशंकर सिंह मौजूद नहीं थे. ऐसे में उनके बीमार होने की चर्चाएं तेज हो गई थी.
