‘समझ क्या रखा है’, 10 मिनट तक खड़ी रहीं अपर्णा यादव, मिलने नहीं आईं KGMU की VC

दिसंबर 2025 में केजीएमयू से एक लव जिहाद का मामला सामने आया था. यहां की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उद्दीन पर यौन शोषण, ब्लैकमेल और धर्मांतरण कराने का दबाव डालने का आरोप लगाया था. इसी मामले के सिलसिले में अपर्णा यादव केजीएमयू की वाइस चांसलर से मिलने पहुंची थीं. अब उन्होंने आरोप लगाया कि 10 मिनट तक केजीएमयू के अंदर खड़ी रहीं फिर भी उनसे वाइस चांसलर मिलने नहीं आईं.

अपर्णा यादव ( फाइल फोटो)

केजीएमयू लव जिहाद केस में विशाखा कमेटी की रिपोर्ट आ चुकी है. कमेटी ने जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उद्दीन को महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का दबाव डालने का दोषी पाया है. इसी मामले के सिलसिले में आज यानी 09 जनवरी को महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव भी केजीएमयू वाइस चांसलर से मिलने पहुंची थीं. वह तकरीबन 10 मिनट तक यहां रूकी रहीं.

केजीएमयू प्रशासन पर भड़कीं अपर्णा यादव

अब अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर भड़कते हुए कहा कि वह तकरीबन 10 मिनट तक केजीएमयू के अंदर खड़ी रहीं. लेकिन उनसे मिलने कोई नहीं आया. महिला आयोग को केजीएमयू ने क्या समझ रखा है. मैं यहां कुछ जानकारी करने के लिए आई थी. लेकिन मुझसे मिलने वॉइस चांसलर ही नहीं आईं.

केजीएमयू प्रशासन के संपर्क में था रमीज: अपर्णा यादव

अपर्णा यादव ने कहा कि पीड़िता से मेरी बात हुई थी. उसने बताया कि केजीएमयू के हेड ऑफ डिपार्टमेंट को बताने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि रमीज उद्दीन केजीएमयू प्रशासन के संपर्क में था. लेकिन 2 दिन बाद रमीज उद्दीन भाग गया.

विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल

अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि पीड़िता को केजीएमयू के सीनियर डॉक्टर ने यह भी कहा कि आप महिला आयोग क्यों गईं. आरोपी को बचाने के लिए व्यक्ति विशेष के इशारों पर काम किया जा रहा है. उन्होंने विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं.

स्टेटमेंट बदलने का दबाव डाला जा रहा: अपर्णा यादव

अपर्णा यादव ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने बयान दिया है, उनपर स्टेटमेंट बदलने का दबाव डाला जा रहा है. केजीएमयू में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो रही है. धर्मांतरण हो रहा है और यहां का प्रशासन मौन है. 2 साल से बिना लाइसेंस के केजीएमयू में ब्लड बैंक भी चल रहा है. प्रशासन को कुछ जानकारी ही नहीं है.

अपर्णा यादव ने सबसे पहले उठाया था ये मामला

बता दें कि इस मामले को लेकर अपर्णा यादव बेहद सक्रिय हैं. पीड़िता ने सबसे पहले अपनी आपबीती अपर्णा यादव को ही सुनाई थी. पीड़िता महिला आयोग के कार्यालय में अपर्णा यादव से मिली थी. अपर्णा यादव ही वह पहली शख्स हैं जिन्होंने इस मामले को उठाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए प्रेस कांफ्रेंस की थी.