योगी सरकार के 9 साल में 289 अपराधी ढेर, 34253 गिरफ्तार; मेरठ में सबसे ज्यादा 97 का एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 9 सालों में अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कुल 17,043 मुठभेड़ों में 289 दुर्दांत अपराधियों को ढेर किया गया और 34,253 गिरफ्तार हुए. मेरठ जोन में सबसे ज्यादा 97 अपराधी मारे गए. योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने अपराधियों को भागने पर मजबूर किया गया है.
योगी सरकार के 9 साल में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. कुल 289 दुर्दांत अपरधियों को मुठभेड़ में ढेर कर यमलोक पहुंचाया है. इस दौरान पुलिस ने कुल 17,043 मुठभेड़ की कार्रवाइयां कीं, जिनमें 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. एनकाउंटर की कार्रवाई में 11,834 अपराधी घायल हुए.
वहीं, अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हो गये जबकि 1,852 पुलिसकर्मी घायल हुए. एनकाउंटर में मेरठ जोन पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है. मेरठ जोन में पुलिस ने 4,813 कार्रवाई की गईं. इसमें 8,921 अपराधी दबोचे गये जबकि 3,513 अपराधियों को घायल हुए. वहीं, कुल 97 कुख्यात अपराधियों को मौके पर ही मार गिराया गया.
वाराणसी जोन दूसरे तो आगरा तीसरे स्थान पर
इसी तरह वाराणसी जोन में 1,292 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 29 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया. इस दौरान 907 अपराधी और 104 पुलिसकर्मी घायल हुए. पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन एनकाउंटर कार्रवाई में दूसरे स्थान पर है. वहीं एनकाउंटर कार्रवाई में पूरे प्रदेश में आगरा जोन तीसरे स्थान पर है.
आगरा जोन में 2,494 एनकाउंटर की कार्रवाई की गईं, जिनमें 5,845 अपराधियों को दबोचा गया. इस दौरान 968 अपराधी घायल हुए जबकि 24 अपराध मार गिराए गए. मुठभेड़ के दौरान 62 पुलिसकर्मी भी घायल हुए. एनकाउंटर आंकड़ों पर नजर डालें तो बरेली ज़ोन में 2,222 मुठभेड़ में 21 अपराधी ढेर, वहीं लखनऊ ज़ोन में 971 मुठभेड़ में 20 मारे गए.
कमिश्नरेट में गाजियाबाद सबसे आगे, 18 हुए ढेर
गाजियाबाद कमिश्नरी में 7,89 मुठभेड़ों में 18 अपराधी मारे गये. सभी कमिश्नरेट में यह सबसे अधिक है. कानपुर जोन में 791 मुठभेड़ों में 12, लखनऊ कमिश्नरी में 147 मुठभेड़ों में 12 और प्रयागराज जोन में 643 मुठभेड़ों में 11 अपराधियों को मारा गया. इसी तरह आगरा कमिश्नरी में 489 मुठभेड़ों में 10, गौतमबुद्ध नगर में 1,144 मुठभेड़ों में 9 अपराधी मारे गए.
गोरखपुर जोन में 699 मुठभेड़ों में 8, वाराणसी कमिश्नरी में 146 मुठभेड़ों में 8, प्रयागराज कमिश्नरी में 150 मुठभेड़ों में 6 और कानपुर कमिश्नरी में 253 मुठभेड़ों में 4 अपराधियों को ढेर किया गया. इन 9 सालों में मुठभेड़ों के साथ ही संपत्ति कुर्की, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और एनएसए जैसे कानूनों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है.
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ चला यह नौ वर्षीय अभियान न सिर्फ आंकड़ों में बल्कि जमीनी हकीकत में भी कानून का राज स्थापित करने में सफल रहा है. पुलिस की त्वरित, कठोर और साहसिक कार्रवाई ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर मजबूर किया और प्रदेश को भयमुक्त बनाया है.
