UP: कब्र से निकाली गई 9 साल के बच्चे की लाश, जानें क्या है मामला
अंबेडकर नगर में 9 साल के छात्र की संदिग्ध मौत के बाद उसका शव कब्र से निकाला गया है. बच्चे की स्कूल में तबीयत बिगड़ गई थी. जब वह घर पहुंचा तो, उसे इलाज के लिए ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. परिजनों ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया है, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट इससे पर्दा उठाएगा.
अंबेडकर नगर में 9 साल के छात्र की संदिग्ध मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है. बच्चे की स्कूल में तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. परिजनों ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया है, कहा स्कूल ने तबीयत बिगड़ने की सूचना नहीं दी. शव को दफना दिया गया था, लेकिन मामले की जांच के लिए इसे फिर से कब्र से निकाला गया है.
मालीपुर थाना क्षेत्र के आशानंदपुर बरौली गांव में निजी विद्यालय के 9 वर्षीय छात्र अंश पढ़ता था. उसके माता-पिता शशिकला और हीरालाल दोनोंं अंधे हैं. अंश उनका इकलौता पुत्र है. बुधवार को मृतक की मां ने विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की थी. वहीं, गुरुवार को प्रशासन ने शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
स्कूल में बिगड़ी तबीयत, छुट्टी के बाद बस से भेजा
परिजनों के अनुसार, अंश मंगलवार सुबह करीब 8 बजे स्कूल बस से जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर, मालीपुर पढ़ने गया था. आरोप है कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल में उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे उल्टियां होने लगीं, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने परिवार को तत्काल सूचना नहीं दी. दोपहर तीन बजे छुट्टी के बाद उसे बस से घर भेज दिया गया.
आरोप है कि बस में भी उसकी हालत बिगड़ती रही और घर से लगभग 500 मीटर पहले चालक ने उसे उतार दिया. घर पहुंचने के बाद हालत गंभीर होने पर परिजन उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए, जहां उपचार के बाद घर लौटने पर उसकी मौत हो गई. बाद में परिजनों ने अंश के शव को मंजूषा नदी तट पर दफन कर दिया था.
तीन बहनों में इकलौता भाई, पिता ट्रेन में चना बेचते
वहीं, बुधवार को मृतक की मां ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी जलालपुर को प्रार्थना पत्र दिया. इसके बाद उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने टीम गठित कर पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए. मालीपुर पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हमजापुर स्थित मंजूषा नदी तट पर दफन शव को बाहर निकालकर पंचनामा भरा गया.
इस दौरान परिजनों में फिर से कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल छा गया. अंश तीन बहनों में इकलौता भाई था. उसके पिता ट्रेन में चना बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर परिजनों को न्याय का भरोसा दिया और आर्थिक सहायता की मांग की.
स्कूल संचालक ने आरोपों को नकारा, किया कुछ कहा?
वहीं, जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर के संचालक महेश कुमार ने आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि छात्र सामान्य स्थिति में बस में बैठा था और तबीयत खराब होने पर परिजनों को सूचना दी गई थी. क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी. दोषियों को बख्सा नहीं जाएगा.
