अयोध्या में की थी ड्राइवर की हत्या, 10 साल बाद दो सगे भाई गिरफ्तार; पहचान बदलकर इंदौर में रह रहे थे
अयोध्या में ड्राइवर की हत्या कर 10 साल से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है. यूपी एसटीएफ ने दोनों भाइयों को इंदौर से गिरफ्तार किया है, वे वहां नकली पहचान बनाकर रह रहे थे. इन पर 1 लाख का इनाम था और धोखाधड़ी, लूट समेत कई मामले दर्ज थे.
यूपी एसटीएफ ने हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 10 सालों से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है. आरोपी अयोध्या में ड्राइवर की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंकने के बाद फरार हो गए थे. दोनों मध्य प्रदेश के इंदौर में पहचान बदलकर रह रहे थे, दोनों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित था.
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, नोएडा राज कुमार मिश्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि 2014 में उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक निजी कंपनी बनाई थी. लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेश कराया और बाद में रकम लेकर फरार हो गए . इस दौरान एक ड्राइवर की भी हत्या कर दी थी.
चाय पिलाने के बहाने ड्राइवर की हत्या कर दी
इसके अलावा साल 2016 में वाराणसी में लूट की साजिश में भी दोनों की संलिप्तता सामने आई थी. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पीलीभीत और अयोध्या समेत कई जिलों में लूट हत्या धोखाधड़ी जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं .लंबे समय से फरार होने के चलते इन दोनों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित था.
एडिशनल डीसीपी एसटीएफ राजकुमार मिश्र ने यह भी बताया कि वाराणसी में लूट करने के बाद यह दोनों लखनऊ जाने के लिए टवेरा गाड़ी बुक की थी. गाड़ी को लूटने के लिए इन्होंने ड्राइवर को रास्ते में चाय पिलाने के बहाने रुकवाई और गमछे से गला दबा कर उसकी हत्या कर दी. साथ ही उसके शव को सड़क किनारे फेंक कर गाड़ी तोड़ कर फरार हो गए थे.
हत्या में लूट के बाद इंदौर में बना लिया ठिकाना
हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश छोड़कर इंदौर चले गए. वहां उन्होंने अपनी पहचान बदल ली और फिर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड बनवाकर समीर खान और रेहान खान के नाम से रहने लगे. इसी पहचान के सहारे वे पुलिस से बचते रहे. फिर एसटीएफ को दोनों वांछित आरोपी के मध्य प्रदेश में छुपे होने की सूचना मिली.
नोएडा एसटीएफ यूनिट की टीम और लोकल पुलिस के साथ मिलकर इन्हें पकड़ने की योजना बनाई और दबिश देकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद इन्हें अयोध्या पुलिस को सौंप दिया गया है. एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है.
