बस्ती से लापता, 5 दिन बाद अयोध्या के पास सरयू में मिला शव; क्या है दरोगा अजय गौड़ की डेथ मिस्ट्री?
बस्ती से लापता दरोगा अजय गौड़ का शव अयोध्या की सरयू नदी में मिलने से गहरा रहस्य बन गया है. परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि गहरी साजिश के तहत हत्या बताया है. दरोगा के भाई एडीएम अरुण कुमार गौड़ ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. उधर, पुलिस सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
उत्तर प्रदेश में पांच दनि पहले बस्ती जिले से संदिग्ध परिस्थिति में लापता दरोगा अजय गौड़ का शव अब अयोध्या के पास सरयू नदी में मिला है. सोमवार को पुलिस ने उनका शव अयोध्या कोतवाली थाना क्षेत्र में तिहुरा माझा के पास पानी के अंदर से बरामद किया है. इसके बाद से ही बस्ती से अयोध्या तक पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. वहीं दरोगा के परिवार में कोहराम मच गया है. परिजन दरोगा की मौत के बीच किसी गहरी साजिश की आंशका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
पुलिस के मुताबकि दरोगा अजय गौड़ की पोस्टिंग बस्ती के परशुरामपुर थाने में थी. वह 5 फरवरी को संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गए थे. उनकी लावारिस कार बस्ती के अमहट घाट चौकी के पास कुआनो नदी के किनारे खड़ी मिली थी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी की तलाशी कराने के बाद नदी में भी सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन दरोगा की कोई खबर नहीं मिली. इसी बीच पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले, जिसे देखने से पता चला कि दरोगा मुख्यालय तक सुरक्षित आए. इसके बाद से ही उनकी कोई लोकेशन नहीं मिली.
उठे कई सवाल
दरोगा का शव मलिने के साथ यह डेथ मिस्ट्री और गहरा गई है. इसमें पहला सवाल तो ये है कि दरोगा की गाड़ी कुआनो नदी (बस्ती) कैसे पहुंची? इसी के साथ दूसरा सवाल यह कि गाड़ी यहां मिली तो दरोगा अयोध्या कैसे पहुंचे? यदि दरोगा को सुसाइड ही करना था तो वह बस्ती में कुआनो नदी छोड़ कर अयोध्या क्यों गए? इन सवालों को उठाते हुए परिजनों ने दावा किया है कि दरोगा यहां से अयोध्या गए नहीं हैं, बल्कि उन्हें ले जाया गया है. आशंका यह भी है कि उनकी हत्या के बाद शव को नदी में ठिकाने लगाया गया है.
पोस्टमार्टम में ही साफ होगी वजह
अयोध्या कोतवाल की सूचना पर बस्ती से पहुंचे आला अधिकारियों ने दरोगा का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम में ही दरोगा की मौत का वजह साफ हो सकेगा. एडिशनल एसपी श्यामाकांत के मुताबिक इस डेथ मिस्ट्री को सॉल्व करने के लिए सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. दूसरी ओर मामले में पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए दरोगा के भाई एवं एडीएम झांसीअरुण कुमार गौड़ ने मोर्चा खोल दिया है.
धरने पर बैठे एडीएम
एडीएम झांसी अरुण कुमार गौड़ ने इस मामले में बस्ती के एसपी और डीआईजी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसी के साथ वह खुद पोस्ट मार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उन्हें मनाने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके भाई ने सुसाइड नहीं किया, बल्कि उनकी हत्या हुई है. उधर, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
