चित्रकूट के हैवानों का दुश्मन, जिसने CBI को दी वो पेन ड्राइव; दरिंदों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया

चित्रकूट के बाल यौन शोषण मामले में पॉक्सो कोर्ट ने रामभवन-दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है. इस सजा के साथ एक बड़ा सवाल यह है कि सीबीआई को वह पेन ड्राइव किसने दी, जिसमें 34 बच्चों के यौन शोषण वीडियो थे? यह पेन ड्राइव डार्क वेब पर बिकी थी और यही दरिंदों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण साबित भी हुई. बताया जा रहा है कि रामभवन के किसी करीबी दुश्मन ने ही सीबीआई को यह अहम सबूत मुहैया कराया.

सांकेतिक तस्वीर

बांदा की पॉक्सो कोर्ट ने चित्रकूट के हैवान दंपति को फांसी की सजा सुना दी है. कोर्ट का फैसला आते ही एक सवाल सुर्खियों में है. वह सवाल यह है कि आखिर वो पेन ड्राइव सीबीआई को किसने दी, जिसमें 34 बच्चों के साथ यौन शोषण का वीडियो था, यही वीडियो प्रतिबंधित वेबसाइट डार्क वेब पर 47 देशों में बेचा गया था. इसी वीडियो के दम पर कोर्ट में हैवानों के खिलाफ दोष तय करने और सजा मुकर्रर करने में सफलता मिली है. चित्रकूट के हैवानों रामभवन और बीवी दुर्गावती के इस दुश्मन की चर्चा अब बहुत तेजी से हो रही है.

साढ़े पांच साल पहले, जब सीबीआई ने चित्रकूट में दबिश दी थी, जेई रामभवन और उसकी बीवी दुर्गावती को अरेस्ट किया था, उस समय चर्चा थी कि इनका एक साथी सीबीआई से मिल गया है. कहा तो यहां तक जा रहा था कि इस साथी के साथ रामभवन का लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद उसने सीबीआई और इंटरपोल के सामने रामभवन का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया था. वहीं दबिश देने आई सीबीआई को वो पेन ड्राइव भी उपलब्ध करा दी, जो इन हैवानों के ताबूत का आखिरी कील साबित हुई.

सीबीआई ने आज तक नहीं खोला नाम

स्थानीय लोगों के मुताबिक रामभवन का यह कोई पुराना दुश्मन नहीं, बल्कि एक बेहद करीबी व्यक्ति है. इसके बाद रामभवन की पूरी कुंडली मौजूद है. जब यह व्यक्ति दुश्मनी पर उतरा तो उसने रामभवन की हैवानियत का पर्दाफाश ही कर दिया. स्थानीय लोगों के मुताबिक इंटरपोल की सूचना पर सीबीआई दिल्ली में एक मामले की जांच कर रही थी. इसी दौरान सीबीआई को जेई रामभवन को लेकर सुराग मिला और सीबीआई चित्रकूट तक पहुंच गई. इसी दौरान रामभवन के इस करीबी ने सीबीआई को सारे साक्ष्य दे दिए थे. इसमें वह पेन ड्राइव भी शामिल है.

पहले से संदिग्ध रहा ये हैवान

स्थानीय लोगों के मुताबिक चित्रकूट के हैवान के रूप में बहुचर्चित रामभवन पहले से ही संदिग्ध रहा है. उसकी जहां भी पोस्टिंग रही, उसकी संदिग्ध हरकतों की वजह से उसे वहां से भगाया गया. नरैनी के खरौंच गांव का रहने वाला यह हैवान गिरफ्तारी के वक्त अर्जुन सहायक परियोजना महोबा व रसिन बांध परियोजना चित्रकूट में जेई था. उसने एसडीएम ऑफिस के पीछे किराए का घर लिया था. उसके मकान मालिक कक्कू सिंह के मुताबिक घर में आने के कुछ दिन बाद ही पड़ोसियों को शक हुआ तो उससे घर खाली करा लिया गया.

पत्नी की निशानदेही से खुले कई राज

मामले का खुलास होने के बाद सीबीआई ने इस हैवान की बीवी दुर्गावती से निशानदेही कराई. इस दौरान सीबीआई ने इनके घर से आठ लाख की नकदी के अलावा आठ मोबाइल फोन, सेक्स टॉय, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री बरामद की. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक नवंबर में जब इस मामले की भनक मिली थी तो सीबीआई की गाजियाबाद यूनिट ने रामभवन के साथ उसके ड्राइवर अभय को हिरासत में लिया था. चार दिन तक दोनों से चित्रकूट में ही पूछताछ की गई. इसके बाद सीबीआई ने अभय को छोड़ दिया और रामभवन को लेकर चली गई. बाद में सीबीआई ने उसकी बीवी दुर्गावती को भी अरेस्ट कर लिया था.