पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को राहत, मानहानि केस में मिली जमानत, लेकिन जेल से नहीं होंगे रिहा
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को वाराणसी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट से एक मानहानि मामले में उन्हें जमानत मिल गई है. VDA सदस्य अंबरीश सिंह भोला ने पूर्व IPS के खिलाफ यह केस दर्ज कराया था. हालांकि, वह अभी जेल से रिहा नहीं होंगे. उनपर इसके अलावा भी कई मुकदमे दर्ज हैं.
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार को वाराणसी जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है. वीडीए सदस्य पर झूठे आरोप लगाने के मामले में उन्हें जमानत मिली है. कोर्ट ने पूर्व IPS को 50-50 हज़ार रुपये की दो जमानतों और बॉन्ड देने पर रिहा करने का आदेश दिया है. वीडीए के मानद सदस्य अंबरीश सिंह भोला ने यह मुकदमा दर्ज कराया था.
वाराणसी जिला कोर्ट के जज संजीव पाण्डेय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया है. अंबरीश सिंह भोला ने 9 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी नूतन ठाकुर और एक अन्य के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. अमिताभ ठाकुर पर अपने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कफ सीरप प्रकरण में झूठे आरोप लगाने के आरोप थे.
19 दिसंबर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा था
अमिताभ ठाकुर ने 30 नवंबर को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कफ सीरप प्रकरण में बिना साक्ष्य संलिप्तता के अंबरीश सिंह भोला पर आरोप लगाए गए थे. पूर्व आईपीएस को 19 दिसंबर को प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय की अदालत में पेश किया गया था. जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.
‘पोस्ट मान-प्रतिष्ठा धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं था’
अमिताभ ठाकुर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने बहस करते हुए कहा कि पूर्व IPS ने अपने ट्वीटर हैंडल पर जो पोस्ट किया वह किसी की मान-प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं था. बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता और देश के नागरिक होने की हैसियत से उक्त आरोपों की जांच कराये जाने के उद्देश्य से पोस्ट किया गया था.
आरोपी पर 10 मुकदमों की हिस्ट्रीशीट- अभियोजन पक्ष
वहीं, अभियोजन और वादी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया. अंबरीश सिंह भोला की ओर से पेश वकील ने दलील दिया कि आरोपित पर दस मुकदमों की हिस्ट्रीशीट हैं. उन्हें जमानत देना उचित नहीं है. हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अमिताभ ठाकुर को बॉन्ड के आधार पर जमानत दे दी.
जेल से रिहा नहीं होंगे पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर
हालांकि, पूर्व IPS और आजाद अधिकार सेना के प्रमुख अमिताभ ठाकुर जेल से रिहा नहीं होंगे. उनपर कई मामलों में मुकदमें दर्ज हैं. अमिताभ ठाकुर पर 1999 में देवरिया में एसपी रहते हुए अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट आवंटन में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप है.
