एक व्यक्ति, 122 बोगस फर्म, 1811 करोड़ का फर्जी व्यापार… दो ट्रक को पकड़ने से 340 करोड़ का GST घोटाला उजागर
मुरादाबाद में 340 करोड़ रुपये के बड़े जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. जांच में 122 फर्जी कंपनियों का नेटवर्क सामने आया, जिसमें ₹1811 करोड़ का टर्नओवर दिखाकर कर चोरी की गई. यह नेटवर्क 20 राज्यों में फैला था. दो ट्रकों की जांच से शुरू हुई कार्रवाई में 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
मुरादाबाद में राज्य कर विभाग ने बड़े जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया है. विभाग की सचल दल टीम ने आयरन स्क्रैप से भरे दो ट्रक पकड़कर दस्तावेजों की जांच की, तो फर्जी कंपनियों के विशाल नेटवर्क का खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि इसने 122 फर्जी फर्मों के जरिए 340 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया है.
राज्य कर विभाग की जांच में इन फर्मों का 1811 करोड़ रुपये का फर्जी टर्नओवर सामने आया है. यानी फर्जी व्यापार दिखाकर 340 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई. केवल दो मोबाइल नंबरों पर कुल 122 फर्में रजिस्टर्ड थीं, जो 20 राज्यों में फैला था. इस बड़े घोटाले का मुख्य़ आरोपी लखनऊ का लोहा कारोबारी अंकित कुमार निकला है.
लोहे के व्यापार को मुख्य आड़ बनाया गया था
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ और मुजफ्फरनगर में की गई जांच में फर्में मौके पर नहीं पाई गईं. इससे यह स्पष्ट हुआ कि माल किसी अन्य का है और कागजात किसी और के नाम से हैं. इस मामले में ए.के. एंटरप्राइजेज समेत फर्जी फर्मों के विरुद्ध मुकदमा सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराया गया है.
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार, आरोपी अंकित कुमार और सौरभ मिश्रा सहित सात-सात लोगों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. बताया जा रहा है कि ये फर्जी कंपनियां देश के 20 राज्यों में कारोबार कर रही थीं. इस धोखाधड़ी में लोहे के व्यापार को मुख्य आड़ बनाया गया था, जिसका मास्टरमाइंड अंकित कुमार है.
दो ट्रकों की जांच से GST चोरी हुआ उजागर
दरअसल, राज्य कर विभाग ने 24 और 25 अक्तूबर को लखनऊ-मुरादाबाद हाईवे पर लोहे से लदे दो ट्रकों को पकड़ा था. जब पूछताछ की गई तो पता चला कि यह माल अंकित कुमार का है, जो लखनऊ के राजाजीपुरम का रहने वाला है. इसके बाद जांच के लिए एक टीम गठित की तो 340 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ.
