याचना नहीं, रण होगा… कौन है स्वाती अघोरी? जिसने ली आशुतोष महाराज पर हमले की जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में आशुतोष महाराज पर हुए हमले की जिम्मेदारी साध्वी स्वाति अघोरी ने ली है. फेसबुक पोस्ट में उसने खुद को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की शिष्या बताते हुए कहा कि यह हमला आशुतोष को सबक सिखाने के लिए किया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्वाति के दावों की सच्चाई परखी जा रही है. इस घटना से धर्म जगत में हड़कंप मच गया है.
उत्तर प्रदेश में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके खिलाफ पॉक्सो का मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज की लड़ाई में अब खुद को साध्वी और अघोरी बताने वाली एक युवती भी शामिल हो गई है. फेसबुक पर अपना नाम स्वाती अघोरी लिखने वाली इस युवती ने चलती ट्रेन में आशुतोष महाराज पर हमले की जिम्मेदारी ली है. इसने फेसबुक पोस्ट में इसने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अपना गुरु बताया है. कहा है कि उसके लोगों ने ही आशुतोष महाराज को सबक सिखाने के लिए उनकी नाक काटी है.
इस युवती ने एक के बाद एक कई पोस्ट किए हैं. इन पोस्ट की वजह से उत्तर प्रदेश की राजनीति और धर्म जगत में सनसनी फैल गई है. वहीं इस सनसनी को इस युवती ने अपनी उपलब्धि बताया है. कहा कि लगता है कि वह चर्चा में आ गई है. उसने एक इंस्पेक्टर के साथ अपनी फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है कि ये गिरफ्तार करने आए हैं, लेकिन धर्म के लिए वह गिरफ्तारी क्या, सूली पर भी चढ़ने से नहीं हिचकेगी. इस युवती के फेसबुक प्रोफाइल देखने से पता चलता है कि यह मूल रूप से उत्तराखंड में गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली हैं.
पोस्ट में खुद को बताया अघोरी साध्वी
स्वाती अघोरी ने अपने फेसबुक प्रोफाइल और अलग अलग पोस्ट में खुद को सनातन धर्म की अघोरी परंपरा से संबंधित बताती है. यही नहीं, उसने अपने बॉयो में खुद को प्रखर साधक और मुखर वक्ता बताया है. यही नहीं, उसने खुद को वेद, पुराण और उपनिषदों की ज्ञाता और प्रवक्ता भी बताया है. अपने बॉयो में उसने खुद को ‘काल भैरव युवा वाहिनी’ का राष्ट्रीय अध्यक्ष और सनातनी बेटी बताते हुए असम के कामाख्या शक्तिपीठ से भी अपने कनेक्शन बताए हैं.
शंकराचार्य से क्या कनेक्शन?
अपनी फेसबुक प्रोफाइल और अलग अलग पोस्ट में इस युवती ने खुद को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शिष्या बताया है. उसके फेसबुक अकाउंट के कवर पेज पर अविमुक्तेश्वरानंद के गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की तस्वीर है. उसके एकाउंट को स्क्रॉल करने से पता चलता है कि शंकराचार्य द्वारा शुरू किए गए ‘धर्म युद्ध’ का भी वह समर्थन करती है. अभी आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ पॉक्सो का केस दर्ज कराया तो इसने सनातन पर हमला बताते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी को भगोड़ा करार दिया था.
जांच में जुटी पुलिस
इस युवती की पोस्ट को लेकर पुलिस भी हरकत में आ गई है. पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस युवती के दावे में कितनी सच्चाई है. दरअसल पुलिस को आशंका है कि इस युवती ने सोशल मीडिया में सनसनी पैदा करने के लिए ऐसा पोस्ट किया है. इसलिए घटना के वक्त इस युवती की लोकेशन निकालने का भी प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने अभी तक इस पोस्ट को लेकर कोई मामला तो नहीं दर्ज किया है, लेकिन आशुतोष महाराज पर हमले की जांच में इस युवती के फेसबुक पोस्ट को शामिल कर लिया है.