‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया आपने’, संसद में बोले अखिलेश यादव
लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पेपर लीक, छात्र आंदोलन और आउटसोर्सिंग के मुद्दे उठाते हुए कहा कि सरकार जनदबाव में ही फैसले बदलती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर, प्रधानमंत्री को बचा लिया गया.'
लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, युवाओं के आंदोलन और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार दबाव पड़ने पर झुकती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर, प्रधानमंत्री को बचा लिया गया.
लोकसभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने हाल के छात्र आंदोलनों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह काफी समय से युवाओं के आंदोलन को देख रहे थे. शुरुआत में सरकार ने आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब आंदोलन लगातार बढ़ता गया तो आखिरकार सरकार को धरना देने की अनुमति देनी पड़ी. उन्होंने कहा कि सरकार तभी झुकती है जब उसके सामने मजबूत जनदबाव बनता है. उन्होंने कहा, ‘झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है…’
‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर प्रधान को बचा लिया’
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन के दौरान मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मंत्रीजी इस्तीफा देकर जब संसद में आए तो उनका स्वागत हुआ… मुझे उनके स्वागत से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकार ने मंत्रीजी का इस्तीफा लेकर अपने लोगों को संकट से बचा लिया… एक प्रधानजी को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया.
‘यूपी से प्रधानमंत्री आते हैं, फिर भी पेपर लीक हो रहे’
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में, जहां से देश के प्रधानमंत्री चुने जाते हैं, वहीं लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है और युवाओं का भविष्य लगातार संकट में पड़ता जा रहा है.
‘बीजेपी वचन नहीं, जुमले देती है’
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा वचन निभाने के बजाय केवल जुमले देने का काम करती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार युवाओं की मांगों को स्वीकार करेगी और परीक्षा प्रणाली में वास्तविक सुधार करेगी.
किसान आंदोलन का भी किया जिक्र
अपने भाषण के दौरान अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि शुरुआत में किसानों को धरना देने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन जब चुनाव नजदीक आए तो सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए. उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि जब जनदबाव बढ़ता है तो सरकार अपने फैसले बदलने पर मजबूर हो जाती है.
‘माता-पिता भी युवाओं के साथ आंदोलन में उतरे’
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि यह पहला ऐसा छात्र आंदोलन था जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ उनके माता-पिता भी खुलकर सामने आए. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं और उनके परिवारों की चिंता का विषय बन गया.
’20 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके’
पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब तक करीब 20 भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘जो लोग चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक क्या बचाएंगे, किसकी आंखों में धूल झोंक रहे हैं?’
आउटसोर्सिंग पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सरकार की आउटसोर्सिंग नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष को डर है कि कहीं सरकार पूरे शासन तंत्र को ही आउटसोर्स न कर दे. उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का जिक्र करते हुए कहा कि जब परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था भी आउटसोर्स की जा रही है, तो किसी गड़बड़ी की स्थिति में जवाबदेही किसकी होगी. उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि परीक्षा प्रणाली में अंतिम जिम्मेदारी किसकी तय होगी.
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं और लाखों युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है. उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का विश्वास दोबारा बहाल हो सके.
