69 हजार शिक्षक भर्ती, पेपर लीक से जौहर यूनिवर्सिटी तक… अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा

लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पेपर लीक, छात्र आंदोलन, 69 हजार शिक्षक भर्ती, आउटसोर्सिंग, एनटीए, प्राथमिक विद्यालयों के विलय और रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाया. अखिलेश ने कहा कि सरकार जनदबाव में झुकती है और परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव

लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर संसद में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने छात्र आंदोलन, पेपर लीक, प्राथमिक विद्यालयों के विलय, 69 हजार शिक्षक भर्ती, आउटसोर्सिंग, एनटीए, नीट, उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय तक का मुद्दा उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया.

अखिलेश यादव ने कहा कि वह छात्र आंदोलन को काफी समय से दूर से देख रहे थे और इस आंदोलन ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है. उन्होंने कहा, ‘मैं आंदोलन को बहुत दूर से देख रहा था… उस आंदोलन की जीत के बाद एक नारा लगा… सरकार को अहंकार था कि सरकार झुकती नहीं है, लेकिन नई पीढ़ी ने नारा दिया कि ‘सरकार भी झुकती है, झुकाने वाला चाहिए.’ सरकार झुकी.’

‘एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया’

अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘जब मंत्री जी लौटे, जो मंत्री नहीं रहे, उनके स्वागत से हमें कोई शिकायत नहीं है, लेकिन कितनी राहत मिली होगी कि एक प्रधान जी को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया आपने.’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वर्षों से नकारात्मक राजनीति कर रही है और इसके लिए हजारों करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च किए गए.

‘एक करोड़ लोगों की भावना जुड़ी थी आंदोलन से’

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आंदोलन को केवल छात्रों का आंदोलन मानना गलत होगा. उन्होंने कहा, ‘अगर 20 लाख बच्चों ने परीक्षा दी और एक परिवार में पांच सदस्य मान लिए जाएं तो एक करोड़ लोग इससे जुड़े थे.’ उन्होंने कहा कि यह पहला ऐसा आंदोलन था जिसमें माता-पिता ने खुद अपने बच्चों से कहा कि आंदोलन में जाओ और अपने अधिकार की लड़ाई लड़ो.

‘जो चढ़ावा नहीं बचा सके, वे पेपर लीक क्या बचाएंगे’

सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘जो लोग चढ़ावा नहीं बचा सके, वे पेपर लीक कैसे बचा पाएंगे… भगवान के दरबार से दान गायब हो गया और लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है.’ उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 20 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और कई मामलों में अभ्यर्थियों को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा. उन्होंने कहा, ‘कोर्ट जाना पड़ा, तब जाकर परीक्षाएं रद्द हुईं… यूपी टीईटी का एक नहीं, तीन-तीन बार पेपर लीक हुआ.’

‘जहां से प्रधानमंत्री आते हैं, वहां भी पेपर लीक’

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा, ‘जहां से प्रधानमंत्री चुनकर आते हैं, उसी उत्तर प्रदेश में पेपर लीक हो रहा है.’ उन्होंने कहा कि इससे सरकार की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार हर चीज आउटसोर्स कर रही है. उन्होंने कहा, ‘हमें आउटसोर्सिंग से डर लगता है। कहीं ऐसा न हो कि पूरी सरकार ही आउटसोर्स हो जाए.’

अखिलेश यादव ने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण संस्था को आउटसोर्स कर दिया गया… एनटीए में सब आउटसोर्स है… देश को पता होना चाहिए कि वहां बैठकर घोटाला करने वाले लोग कौन थे.’ अखिलेश यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, ‘सरकार को सोचना चाहिए कि कहीं यही नौजवान उसके लिए आपदा न बन जाएं.. शिक्षा सच्ची होगी तो तरक्की भी पक्की होगी.’ उन्होंने पूछा कि यदि 2024 में भी कानून लाया गया था तो उसके बाद भी पेपर लीक क्यों होते रहे.

किरेन रिजिजू से हुई तीखी बहस

इसी दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टोका और कहा, ‘आप यह बताइए कि आंदोलन के बाद सरकार बिल लेकर आए, यह अच्छा है या आंदोलन को कुचलने के लिए इमरजेंसी लगा देना अच्छा है?’

इस पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा, ‘हमने इमरजेंसी नहीं देखी है, लेकिन दिल्ली में जो देखा, वह भी किसी इमरजेंसी से कम नहीं था… आंसू गैस के गोले चले, लकड़ियों में कीलें लगी थीं और उनमें करंट भी था… अगर आपको इमरजेंसी याद आ रही है तो याद रखिए, इमरजेंसी के बाद परिवर्तन हुआ था और इस बार भी परिवर्तन होगा.’

‘भगवान भी माफ नहीं करेंगे’

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘चढ़ावा चोरी हुआ, गुप्तदान भी चोरी हुआ. भगवान भी आपको माफ नहीं करेंगे.’ अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की नींव कमजोर कर दी. उन्होंने कहा, ‘सरकार ने सबसे पहले प्राइमरी स्कूलों पर हमला किया… हजारों प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए… जब नींव पर हमला होगा तो गरीब परिवारों के बच्चे आगे कैसे बढ़ेंगे?’

उन्होंने दावा किया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में एक लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं और उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल है. उन्होंने कहा, ‘सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पहले सात लाख से ज्यादा स्कूल थे, अब छह लाख के आसपास रह गए हैं.’

69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा भी उठाया

अखिलेश यादव ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, ’69 हजार शिक्षक भर्ती में बड़ा घोटाला हुआ. अभ्यर्थी मंत्रियों के पास गए, हाईकोर्ट गए, सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन सरकार नौकरी नहीं देना चाहती. सबसे ज्यादा पिछड़ों का अधिकार छीना गया.’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण व्यवस्था के साथ न्याय करने में विफल रही है.

बोर्ड परीक्षाओं और नीट का भी जिक्र

अखिलेश यादव ने कहा कि केवल भर्ती परीक्षाएं ही नहीं, बल्कि बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक हुए. उन्होंने सवाल उठाया, ’10वीं और 12वीं के पेपर क्यों लीक हो रहे हैं?’ नीट परीक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने उन छात्रों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा संबंधी तनाव में अपनी जान गंवाई. उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.

जौहर यूनिवर्सिटी का भी किया जिक्र

अपने भाषण के अंत में अखिलेश यादव ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी बनी. सरकार ने खुद कोई यूनिवर्सिटी नहीं बनाई. अगर किसी ने यूनिवर्सिटी बना भी दी तो यह सरकार हथौड़ा लेकर उसे तोड़ने पर आमादा है. यह सरकार नफरत की राजनीति कर रही है.’

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