शिक्षकों के लिए ‘सुप्रीम’ ऑर्डर, ‘बिना TET नहीं प्रमोशन-ट्रांसफर’
सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश और देश-प्रदेश में बड़ा क्लेश. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को 2 साल के अंदर टीईटी (TET) यानी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने का फैसला सुनाया है, और अगर कोई शिक्षक 2 साल में TET पास नहीं कर पाया, तो उसकी नौकरी जा सकती है. सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस संग्राम में तमाम शिक्षक और उनके संगठन उतर आए हैं. उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 16 सितंबर को प्रदेश भर में प्रदर्शन और ज्ञापन देने का ऐलान किया है. उनकी मांग है कि, केंद्र सरकार RTE में बदलाव करे, 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों को TET से छूट दे. वैसे भी इतने सालों बाद योग्यता नापने का ये पैमाना क्यों?
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