लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त UPPSC, एफआईआर दर्ज
लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर कुछ अराजक तत्वों ने अभ्यर्थियों को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर असत्य एवं भ्रामक पोस्ट शेयर किए थे. अब ऐसे लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग सख्त हो चुका है. इनके खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है.
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीपीएससी) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर अफवाह फैलानों वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. आयोग से मिली शिकायत के आधार पर लखनऊ के विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने इन अफवाहों को फैलाने में भूमिका निभाई.
आयोग ने कहा- निष्पक्षता, पारदर्शिता से कराई गई थी परीक्षा
इस मामले की जांच पुलिस उपायुक्त पूर्वी, अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी और सहायक पुलिस आयुक्त विभूतिखंड की निगरानी में की जाएगी. आयोग ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि लेखपाल पद पर चयन के लिए 44 जनपदों के 861 परीक्षा केंद्रों पर पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई थी.
अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश की गई
हालांकि, अराजक तत्वों ने मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर असत्य एवं भ्रामक पोस्ट शेयर किए. इसके जरिए सरकार की छवि धूमिल करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया. अब ऐसे लोगों पर प्रशासन पूरी तरह से सख्त हो चुका है.
अधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें
इससे पहले आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की थी कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न दें. केवल आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. आयोग ने भरोसा दिलाया है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
परीक्षा में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था
आयोग कहना है कि इस बार परीक्षा में एआई आधारित पहचान प्रणाली, बायोमैट्रिक सत्यापन और लाइव मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था ताकि परीक्षा को निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचितापूर्ण संपन्न कराने पर हमारा मुख्य फोकस था. अभ्यर्थियों को बेमतलब के अफवाहों से दूर रहना चाहिए
