जहां कांग्रेस अध्यक्ष ने की रैली, उस स्थान का शुद्धिकरण करने पहुंचे हिंदू संगठन; VIDEO वायरल
उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सियासी व धार्मिक घमासान छिड़ गया है. हिंदू संगठनों ने रैली स्थल रामलीला मैदान का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण किया. आरोप है कि रैली में इस्लामिक नारे लगे और विवादित व्यक्तियों को मंच दिया गया, जिससे मैदान की पवित्रता भंग हुई. इस घटना ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है. कांग्रेस अध्यक्ष के इस दौरे के बाद जहां पार्टी कार्यकर्ता उत्साह से भर गए हैं, वहीं बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दल उनके दौरे को राजनीतिक पर्यटन करार देने में जुटे हैं. इसी क्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे के रैली वाले स्थान पर हिंदू संगठनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण नया हंगामा खड़ा कर दिया है.
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के 8 अगस्त को उत्तराखंड पहुंचे थे. उन्होंने कई जगह पार्टी कार्यकर्ताओं संग बैठक की. वहीं हल्द्वानी के प्रतिष्ठित रामलीला मैदान में उन्होंने ‘विजय शंखनाद’ नाम से एक जनसभा भी की थी. इस सभा के बाद से ही हल्द्वानी शहर में सियासी और धार्मिक घमासान शुरू हो गया. रैली के बाद कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता तो रामलीला मैदान से चले गए, लेकिन उसके हिंदू संगठनों के पदाधिकारी वहां पहुंच गए और पूजा-पाठ तथा शुद्धि हवन का आयोजन किया.
मंच से इस्लामिक नारे लगाने का आरोप
श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में यह हवन-यज्ञ हुआ. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थल के शुद्धिकरण का दावा किया गया. आयोजकों के अनुसार रामलीला मैदान हमेशा से हिंदू धार्मिक आयोजनों और पवित्र रामलीला मंचन का मुख्य केंद्र रहा है. लेकिन कांग्रेस की विजय शंखनाद सभा के दौरान मंच से इस्लामिक नारे लगाए गए. साथ ही, ऐसे व्यक्ति को मंच दिया गया जिसने पहले हिंदू संगठनों पर बेहद विवादित व आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुका है.
बताई शुद्धिकरण की वजह
आयोजकों के मुताबिक इन गतिविधियों की वजह से मैदान की धार्मिक पवित्रता भंग हो गई. इसकी पुनर्स्थापना के लिए यहां पर हवन यज्ञ आयोजित करना पड़ा है. इस शुद्धि हवन में ज्योतिषाचार्य पंडित मोहन शास्त्री, गिरीश पांडे, अंकित पाल, मीरा श्रोत्रिय, लता पंत, विजय फर्त्याल, अनमोल और कुलदीप समेत कई अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए. राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह घटनाक्रम शहर और सोशल मीडिया में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है.
रिपोर्ट: हर्ष रावत, हल्द्वानी
