कुत्ते के काटने पर लगवाई ARV की तीनों डोज, फिर भी क्यों हुई बच्चे की मौत? डॉक्टरों ने बताई वजह

आगरा में कुत्ते के काटने पर ARV की तीन डोज के बावजूद एक बच्चे की मौत हो गई. डॉक्टरों के अनुसार, गंभीर घाव होने पर एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) के साथ इम्यूनोग्लोबिन की डोज भी आवश्यक होती है. परिवार ने इम्यूनोग्लोबिन नहीं लगवाई, जिससे रेबीज का संक्रमण फैल गया.

कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां एक छह साल के बच्चे को 20 दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था. इसके बाद बच्चे के परिजनों ने एंटी रेबीज वैक्सीन की तीनों डोज लगवाई थी. बावजूद इसके, बच्चे की हालत खराब हो गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. हालांकि डॉक्टरों ने सफाई दी है कि इस परिस्थिति में केवल एआरवी की डोज ही पर्याप्त नहीं.

डॉक्टरों के मुताबिक जब कुत्ता ऐस जगह काटे, जहां से रेबीज का इंफेक्शन तेजी से फैलने की संभावना हो तो इम्यूनोग्लोबिन की भी डोज लेना जरूरी हो जाता है. इस मामले में बच्चे के परिजनों ने एंटी रेबीज तो लगवाया, लेकिन इम्यूनोग्लोबिन की डोज नहीं ली. इसकी वजह से बच्चे की मौत हुई है. मामला आगरा में पिनाहट थाना क्षेत्र के गांव अतैयापुरा का है. इस घटना के बाद से ही बच्चे के परिवार में कोहराम मच गया है.

परिजनों ने बताया घटनाक्रम

अतैयापुरा में रहने वाले कुंवर सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं. उनका छोटा बेटा अनीस छह साल का था और नर्सरी में पढ़ाई करता था. नौ जनवरी 2026 को घर के बाहर खेलते समय एक कुत्ते ने उसके सिर में काट लिया था. जानकारी होने पर वह तुरंत बेटे को लेकर सीएचसी पिनाहट पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों के नहीं होने पर एक निजी क्लीनिक में एआरवी की पहली डोज लगवाई. इसके बाद दूसरी डोज 12 जनवरी और तीसरी डोज 16 जनवरी को सीएचसी पिनाहट पर लगवाई थी.

ऐसे बिगड़ी हालत और हो गई मौत

पिता ने बताया कि 26 जनवरी को अचानक उनके बेटे को तेज बुखार आया. वह डाक्टर के पास ले गए, लेकिन बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. बल्कि वह कुत्तों जैसा व्यवहार करने लगा. ऐसे में अगली सुबह वह बच्चे को आगरा के अस्पताल में ले आए, जहां से उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया. इस अस्पताल में इलाज के दौरान उनके बेटे की मौत हो गई है.

पूरे परिवार का होगा वैक्सिनेशन

घटना की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. सीएचसी पिनाहट के अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुशवाह के मुताबिक अब पूरे परिवार को संक्रमण से बचाना है. इसके लिए घर के सभी लोगों का वैक्सिनेशन कराया जाएगा. उधर, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि रेबीज का इंफेक्शन जानलेवा है. इससे मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है. यह इंफेक्शन कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ आदि के काटने से होता है.