हैवान बना कानून का रखवाला… लाठी मारी, फिर प्लास से खींच लिए नाखून; रूह कंपा देगी लॉकअप में थर्ड डिग्री
आगरा में पुलिस की बर्बरता का शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एक युवक को गाड़ी चलाने न आने पर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया. दरोगा ने पीड़ित के नाखून प्लास से उखाड़ दिए. शिकायत के बाद दोषी दरोगा को निलंबित कर दिया गया है. यह घटना आगरा के छत्ता थाने की है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अक्सर आपने मुहाबरे में थर्ड डिग्री का इस्तेमाल होते देखा होगा, लेकिन आगरा पुलिस ने इसे करके दिखा दिया है. यहां पुलिस ने एक युवक को इस प्रकार थर्ड डिग्री टॉर्चर किया कि सुनने वालों की भी रूह कांप गई. इस युवक की गलती इतनी भर थी कि उसे गाड़ी चलाने नहीं आती. पुलिस के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को अपनी हालत बताते हुए शिकायत दी. इसके बाद आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है. मामला आगरा के छत्ता थाने का है.
जानकारी के मुताबिक आगरा में सैंया थाना क्षेत्र के वीरई गांव में रहने वाले नरेंद्र कुशवाह अपने बड़े भाई धीरज के साथ दूध का कारोबार करते हैं. नरेंद्र के मुताबिक उनका टेंपो बड़े भाई धीरज चलाते हैं. शुक्रवार को रोज की तरह वह छत्ता के जीवनी मंडी चौकी क्षेत्र में दूध बेचने आए थे. इस दौरान उसके बड़े भाई तो दूध का केन लेकर कॉलोनी में चले गए और टेंपो में बैठकर उनका इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान जीवनी मंडी चौकी के दरोगा रविंद्र कुमार कुछ लोगों को हिरासत में लेकर वहां पहुंचे.
इस बात पर दी इतनी बड़ी सजा
पीड़ित नरेंद्र ने बताया कि दरोगा ने पकड़े गए लोगों को जबरन उसके टेंपो में बैठा दिया और उसे चौकी चलने को कहा. चूंकि उसे टेंपो चलाने नहीं आता, इसलिए उसने बड़े भाई का इंतजार करने को कहा. इतनी सी बात पर दरोगा इस कदर भड़क गए कि मौके पर ही उसकी पिटाई शुरू कर दी. इसके बाद चौकी में लाकर पहले खुद उसे लाठी से पीटा, फिर सिपाहियों से उसके तलवे पर डंडे मरवाए. इससे भी मन नहीं भरा तो दरोगा ने प्लास से उसका नाखून उखाड़ लिया. इसके बाद उसके जब से मोबाइल फोन और 1800 रुपये छीन कर उसका शांति भंग में चालान कर दिया.
बीजेपी नेता की मदद से लगाई गुहार
जानकारी होने पर नरेंद्र के भाई धीरज ने अपने रिश्तेदार बीजेपी नेता प्रेम सिंह कुशवाह के साथ पुलिस लाइन पहुंचकर उसकी जमानत कराई. इसके बाद डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से मिलकर न्याय की गुहार लगाई. पीड़ित की शिकायत सुनकर डीसीपी ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. वहीं अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं. मामले की जांच एसीपी छत्ता को सौंपी गई है. डीसीपी ने आरोपी दरोगा के सस्पेंशन के बाद चौकी पर गौरव राठी की तैनाती की है.
