45 MLA और कई नेता… जौहर यूनिवर्सिटी बचाने के लिए सपा का रामपुर में ‘शक्ति प्रदर्शन’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा और जौहर यूनिवर्सिटी की प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करते हुए जिलााधिकारी को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनका समर्थन भी किया. सपा ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में गुरुवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने जिलााधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जौहर यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी मुलाकात किया.
ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है. पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय को बचाना शिक्षा के अधिकार और संविधान की मूल भावना की रक्षा करना है. इस प्रतिनिधिमंडल में करीब 45 विधायक समेत कई जिलों के बड़े नेता और पूर्व मंत्री शामिल हुए. यह एक तरह से सपा का शक्ति प्रदर्शन था.
‘बुलडोजर कार्रवाई शिक्षा के अधिकार के खिलाफ’
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय की इमारतों पर बुलडोजर चलाना देश के शैक्षिक ढांचे और संविधान प्रदत्त शिक्षा के अधिकार की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि भवन ध्वस्तीकरण का आदेश जनविरोधी है और इससे हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा, संविधान और छात्र हितों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष में मजबूती से खड़ी रहेगी और इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी.
ज्ञापन में क्या कहा गया?
सपा प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में मांग की कि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और पूरे मामले का निष्पक्ष एवं कानूनी समाधान निकाला जाए. पार्टी का कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई से पहले छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. रामपुर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व विधायक और विभिन्न जिलों के पदाधिकारी शामिल रहे.
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये नेता-
- माता प्रसाद पांडेय (नेता प्रतिपक्ष)
- नसीर अहमद खां
- कमाल अख्तर
- शाहिद मंजूर
- अताउर्रहमान
- नवाब जान
- मौलाना हाजी नासिर कुरैशी
- मोहम्मद फहीम इरफान
- शहजिल इस्लाम अंसारी
- रफीक अंसारी
- अतुल प्रधान
- पंकज कुमार मलिक
- पिंकी सिंह
- इकबाल महमूद
- राम खिलाड़ी सिंह यादव
- महबूब अली
- स्वामी ओमवेश
- तसलीम अहमद
- मनोज कुमार पारस
- राम अवतार सिंह सैनी
- समर पाल सिंह
- जयवीर सिंह
इसके अलावा रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, बिजनौर, अमरोहा और संभल के जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्षों के साथ बड़ी संख्या में पूर्व विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
क्या है मामला?
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को कथित रूप से मानचित्र स्वीकृति के बिना निर्मित बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है. इस कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी लगातार इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए विरोध कर रही है. पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचाना हजारों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय होगा. सपा ने सपा किया है कि वह इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी.
