दिल्ली के बाद अब प्रयागराज में प्रदर्शन, मामला TGT-PGT से जुड़ा, अभ्यर्थियों ने दी चेतावनी
UPESSC की नई टीजीटी-पीजीटी भर्ती नियमावली के विरोध में अभ्यर्थी फिर सड़कों पर उतरे हैं. प्रयागराज में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि नई नियमावली उनके भविष्य पर संकट है. इससे पहले जून में भी आंदोलन हुआ था.
दिल्ली के बाद अब प्रयागराज में भी छात्रों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. मामला उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की टीजीटी और पीजीटी भर्ती से जुड़ा है. इसके विरोध में अभ्यर्थी एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं. सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर पहुंचकर अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टीजीटी और पीजीटी भर्ती में नई नियमावली लागू करने से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है. आरोप है कि नई नियमावली लागू होने से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे, जिससे उनके रोजगार पर असर पड़ेगा. उन्होंने सरकार से पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है.
नई व्यवस्था में PGT भर्ती के लिए बीएड अनिवार्य
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि 1992 से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी और पीजीटी की भर्तियां पुरानी नियमावली के आधार पर होती रही हैं. लेकिन साल 2025 में आयोग ने बिना पूर्व सूचना और व्यापक परामर्श के नई नियमावली लागू कर दी, जिससे प्रदेश के पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं.
अभ्यर्थियों का कहना है कि नई व्यवस्था में पीजीटी भर्ती के लिए बीएड अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा प्राविधिक कला, हिंदी, अंग्रेजी, शारीरिक शिक्षा, संगीत और गृह विज्ञान जैसे विषयों के अभ्यर्थियों को भी नई नियमावली से नुकसान हो रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कंप्यूटर शिक्षकों की अलग से भर्ती न निकाले जाने पर भी नाराजगी जताई है.
पुरानी नियमावली बहाल हो, नहीं तो जारी रहेगा आंदोलन
युवा मंच का कहना है कि इसी मांग को लेकर जून माह में भी आंदोलन किया गया था. उस समय माध्यमिक शिक्षा विभाग और आयोग के अधिकारियों ने उनकी मांग शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. इसी कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने दोबारा अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है.
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पुरानी नियमावली बहाल कर भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा. अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि आयोग को टीजीटी और पीजीटी के 23,775 पदों का अधियाचन मिल चुका है, लेकिन अब तक भर्ती का विज्ञापन तक जारी नहीं किया गया है.
