हिंडन, गंडक से लेकर गंगा तक… यूपी में नदियां खतरे के निशान के पार; CM ने अफसरों को फील्ड में उतारा

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात हैं. हिंडन, गंगा, घाघरा जैसी प्रमुख नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं. मुख्यमंत्री योगी ने तत्काल अफसरों को फिल्ड पर उतरने और प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं.

हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर लगातार बढ़ रहा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है. प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हिंडन, गंगा, घाघरा और गंडक नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं. बाढ़ जैसी हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी ने बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का संज्ञान लेते हुए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने साफ कहा है कि किसी भी प्रभावित परिवार को राहत पहुंचाने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

नुकसान का 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान का तत्काल आकलन कर 24 घंटे के भीतर निर्धारित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए. साथ ही राहत शिविरों, भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. साथ ही प्रदेशवासियों से भी सतर्क रहने की अपील की है.

उन्होंने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहें, नदियों में स्नान करने से बचें. वहीं, प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

हथिनीकुंड बैराज पर लगातार बढ़ रहा जलस्तर

इस बीच सहारनपुर से लेकर अयोध्या और बलिया तक नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है. हथिनीकुंड बैराज में पानी बढ़ने के कारण दो गेट खोले गए हैं. यदि पहाड़ों में बारिश का दौर जारी रहा तो सभी 18 गेट खोलने की नौबत आ सकती है. इससे यमुना किनारे के जिलों सहारनपुर, शामली, बागपत में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने का खतरा है.

वहीं, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी नदियों का जल स्तर चेतावनी के निशान से ऊपर बह रहा है. बागपत और गौतमबुद्धनगर में हिंडन, बदायूं में गंगा, अयोध्या और बलिया में घाघरा, इसके अलावा कुशीनगर में गंडक नदी भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं. ऐसे में आगामी कुछ दिन काफी अहम साबित हो सकते हैं, प्रसाशन अलर्ट है.

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