UGC पर SC का फैसला अधूरा… अलंकार अग्निहोत्री ने किया ‘भारत बंद’ का ऐलान; 7 फरवरी को करेंगे दिल्ली कूच
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने हाथरस में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद संग UGC कानून के विरोध में प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने सांसदों को निकम्मा बताते हुए 1 फरवरी को भारत बंद और 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली PMO तक पैदल मार्च का ऐलान किया है. इसके अलावा पीएम से इच्छा मृत्यु की मांग की गई.
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को पुलिस ने बरेली से लखनऊ शिफ्ट कर दिया था. इस बीच गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया कि वह आज बरेली पहुंचेंगे. वहीं, बरेली जाने के रास्ते वह हाथरस पहुंचे, जहां राष्ट्रीय सवर्ण परिषद संग UGC कानून के विरोध में प्रेस वार्ता की, जिसमें भारत बंद का ऐलान किया गया.
हाथरस पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को अधूरा करार दिया. साथ ही कहा कि यह काम 19 तारीख से सांसदों को कर देना चाहिए था, जो काम सुप्रीम कोर्ट को करना पड़ा है. उन्होंने सांसदों को निकम्मा बताते हुए 1 फरवरी को भारत बंद और 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली PMO तक पैदल मार्च का ऐलान किया है.
‘स्वर्ण समाज दिल्ली चलें, काला कानून वापस हो’
हाथरस में अलंकार अग्निहोत्री ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘UGC के नए नियमों पर रोक लगाने वाला सुप्रीम कोर्ट का कदम स्वागत योग्य है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है. इस पूरे कानून को वापस लेना होग. हम इसी के साथ सभी स्वर्ण समाज का इसमें सहयोग मांगते हैं कि वह आए और हमारे साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करें, ताकि यह काला कानून वापस लिया जा सके,’
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने भी भारत सरकार के यूजीसी कानून के विरोध में एक फरवरी को भारत बंद और सात फरवरी को हाथरस से दिल्ली पीएमओ कार्यलय पहुंच कर इच्छा म्रत्यु मांग करने का एलान किया. वही सुप्रीम कोर्ट के यूजीसी कानून रोक लगाने को इसे सरकार की योजना करार दिया गया है.
PM हमारे सिर मे गोली मार दें, इच्छाम्रत्यु की मांग
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया ने बताया कि सरकार का ये कानून सर्वणों के ऊपर एक कुठार घात है, जो हमारे बच्चों के भविष्य को बरबाद कर देगा. यदि इसे खत्म नहीं किया जाता है तो हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आवाहन करेंगे कि हमें लाल किले पर खड़ा कर सर में गोली मार दिया जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर रोक लगा दी है. अदालत ने माना कि UGC के जाति संबंधी नियम अस्पष्ट हैं, इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है. साथ ही केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है. फिलहाल, 2012 के UGC के रेगुलेशन जारी रहेंगे, सुप्रीम कोर्ट इसपर 19 मार्च को अगली सुनवाई करेगा.