अयोध्या रेप केस: सपा नेता मोईद खान की बढ़ेगी मुश्किलें, बरी होने के फैसले को HC में चुनौती देगी UP सरकार
अयोध्या गैंगरेप मामले में आरोपी समाजवादी पार्टी नेता मोईद खान को POCSO कोर्ट ने बरी कर दिया है. वहीं, अब यूपी सरकार निचली अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने जा रही है. कोर्ट ने मोईद खान को बरी कर उसके घरेलू नौकर को 20 साल की सज़ा सुनाई थी.
अयोध्या के बहुचर्चित भदरसा दुष्कर्म कांड में मुख्य आरोप मोईद खान को बरी कर दिया गया है. अयोध्या की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया. साथ ही मोईद खान के घरेलू नौकर राजू खान को घरेलू नौकर को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सज़ा सुनाई. अब यूपी सरकार मोईद खान को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देगी.
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वीरेंद्र कुमार ने शनिवार को इसकी पुष्टी की. उन्होंने कहा, ‘मोईद खान को बरी करने के कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी, हम केस लड़ते रहेंगे.’ वहीं, पीड़ित की मां ने पुलिस जांच में चूक का आरोप लगाया, और कहा कि लापरवाही की वजह से मोईद खान को बरी कर दिया गया. DNA रिपोर्ट में भी छेड़छाड़ की गई थी.
पीड़िता के गर्भवती होने पर खुला था पूरा मामला
भदरसा में एक 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ था. पीड़िता के परिजनों ने सपा नेता और भदरसा नगर के अध्यक्ष मोईद खान, उनके यहां काम करने वाले राजू खान पर आरोप लगाया था. मामला जुलाई 2024 में सामने आया, जब लड़की दो महीने की गर्भवती हो गई थी. 30 जुलाई 2024 को दोनों को गिरफ्तार किया था.
स्पेशल जज (POCSO) निरुपमा विक्रम ने इस मामले में मोईद खान को निर्दोष बरी कर दिया, आरोपी का DNA जांच रिपोर्ट निगेटिव आया ता. वहीं, राजू खान का DNA रिपोर्ट पोजिटिव पाए जाने पर उसे 20 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई. पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि DNA रिपोर्ट बदली गई थी और उसमें छेड़छाड़ की गई थी.
राजू खान को मिली सज़ा ‘काफी नहीं’- पीड़िता की मां
पीड़िता की मां ने यह भी कहा कि आरोपी राजू खान को मिली 20 साल की सज़ा ‘काफी नहीं’ है. उन्होंने उसके लिए मौत की सज़ा की मांग की. हालांकि, सपा नेता मोईद खान अभी जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे. सपा नेता के खिलाफ गैंगरेप एक्ट में भी केस दर्ज है, वही, परिवार का कहना है कि वो गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को चुनौती देंगे.
