योगी के समर्थन और शंकराचार्य के विरोध में GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह का इस्तीफा

अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच हुए विवाद का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. प्रशांत कुमार ने ये इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में और शंकराचार्य के विरोध में दिया है.

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार का इस्तीफा Image Credit:

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के बाद अब अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे की वजह प्रयागराज प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच हुए विवाद को बताया है. प्रशांत कुमार ने ये इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध में दिया है. इस्तीफा देने के बाद प्रशांत कुमार ने अपनी पत्नी को कॉल कर इसकी जानकारी दी और फूट-फूटकर रोने लगे.

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेज दिया है. उन्होंने कहा कि वे सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों से बेहद आहत थे, ऐसे में उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया. प्रशांत कुमार ने अपने इस्तीफे की जानकारी सबसे पहले अपनी पत्नी को दी. इस दौरान वह भावुक हो गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.

सामाजिक कामों में लगने का किया ऐलान

इस्तीफा देने वाले डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने कहा, ‘जिस प्रदेश से मुझे वेतन मिलता है, जहां का नमक खाता हूं, मैं उसी का साथ दूंगा. सीएम योगी को जनता ने चुना है. उनका अपमान मैं सहन नहीं कर सकता. मैं पिछले तीन दिनों से परेशान था, इसलिए राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया है. इस्तीफा मंजूर होते ही मैं सामाजिक कामों में लग जाऊंगा.’

‘शंकराचार्य की अमर्यादित टिप्पणी से मैं आहत हूं’

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने राज्यपाल को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा, ‘सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द की अमर्यादित टिप्पणी से मैं आहत हूं. मैं उत्तर प्रदेश राज्य का एक साधारण कर्मचारी हूं. उत्तर प्रदेश सरकार से हमें आजीविका प्राप्त है. उस आजीविका से मेरे परिवार का लालन-पालन होता है, तो मेरा राजकीय धर्म है कि अपने प्रदेश सरकार और सीएम योगी आदित्यनाथ खिलाफ कोई भी अनर्गल प्रलाप होता है तो उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करते हुए उसका विरोध करूं.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘वे सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से किए गए अमर्यादित टिप्पणी को राष्ट्र, संविधान व लोकतंत्र के खिलाफ मानते हैं. ऐसी स्थिति में सरकार के पक्ष में और अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य के विरोध में मैं अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.’

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए ये गंभीर आरोप

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरोध में खड़ा किए जाने के आरोप लगाया है. उन्होंने अपने इस्तीफे में आगे लिखा कि भारत के संविधान, भारत के लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश है. अविमुक्तेश्वरानंद इस आचरण से आहत होकर मैं अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार अपने इस्तीफे वाले लेटर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर जातिवाद का जहर घोलने का आरोप लगाया है. उन्होंने आगे लिखा. ‘मैं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी हूं. सरकार और सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अगर कोई अपमानजनक टिप्पणी करे और मैं रोबोट की भांति केवल वेतन लेता रहूं, ऐसा हो नहीं सकता.’

प्रशांत से पहले अलंकार ने दिया था इस्तीफा

इससे पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका आरोप था कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान करके योगी सरकार ने ब्राह्मण समाज का अपमान किया. इसके साथ ही अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों का भी विरोध किया था. इस इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया था. फिलहाल, आज पूरे दिन अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली में खूब हंगामा किया. कभी धरने पर बैठे तो कभी हाऊस अरेस्ट का आरोप लगाया.