कर्नाटक में होने वाला है मंत्रीमंडल विस्तार, इससे पहले क्यों राम की शरण में पहुंचे कांग्रेस के 15 MLA?
कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले 15 कांग्रेस विधायक अयोध्या पहुंचे. उन्होंने रामलला के दर्शन किए और आस्था व्यक्त की. पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद यह यात्रा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है. कांग्रेस विधायकों का यह कदम, खासकर पार्टी के बदलते रुख को दर्शाता है, और इसे आगामी मंत्री पद से जोड़ा जा रहा है. विधायकों ने रामलला के दर्शन के बाद राम मंदिर की सराहना भी की.
कर्नाटक सरकार में मंत्रीमंडल का विस्तार होने वाला है. इससे ठीक पहले अचानक कर्नाटक कांग्रेस के 15 विधायक भगवान राम की शरण में आ गए. महर्षि वाल्मिकी हवाई अड्डे पर उतरे इन 15 विधायकों के आने की कोई खबर पार्टी के लोकल नेताओं को नहीं थी. इन विधायकों ने चुपचाप मंदिर में जाकर रामलला के दरबार में शीष झुकाया और भगवान राम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. कहा कि भगवान राम के साथ कर्नाटक का पुराना संबंध है.
अयोध्या आने से पहले ये सभी विधायक पहले दिल्ली गए थे. वहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी हाईकमान से मुलाकात की. इसके बाद ये सभी 15 विधायक हवाई मार्ग से अयोध्या पहुंचे. बताया जा रहा है कि कर्नाटक में होने वाले मंत्रीमंडल विस्तार में इन 15 विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी है. इसलिए मंत्री बनने से पहले इन विधायकों ने संविधान की शपथ से पहले भगवान राम के दरबार में हाजिरी लगाई है.
क्या बदल गए आराध्य?
एक कहावत है कि राजनीति में सब कुछ जायज है. शायद यही कारण है कि समय-समय पर राजनीति में लोगों के आराध्य (ईश्वर) भी बदल जाते है. अब तक जो कांग्रेस पार्टी भगवान राम का अस्तित्व भी मानने से इनकार कर रही थी, कर्नाटक से उसी पार्टी के 15 विधायक बुधवार को अचानक भगवान राम की दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच गए. यही नहीं, इन विधायकों ने भगवान राम से अपने संबंध भी जोड़ने की कोशिश की.
राममंदिर की सराहना की
मंदिर में रामलला और राम दरबाद के दर्शन के बाद कांग्रेस के सभी विधायक अभिभूत नजर आए. कहा कि बहुत अच्छा मंदिर बना है. रामलला के दर्शन से उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति हुई है. विधायकों ने भगवान राम से संबंध जोड़ते हुए कहा कि अयोध्या और कर्नाटक का रामायण कालीन इतिहास है. भगवान राम अयोध्या के हैं और हनुमान जी कर्नाटक के. रामलला की मूर्ति भी विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज ने किया है जो कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले है.
