अयोध्या में भू-माफिया के हौसले बुलंद, 10-10 लाख में 35 गरीबों को बेच दी सरकारी जमीन; राजस्व विभाग पर उठे सवाल
अयोध्या में बड़ा भू-घोटाला सामने आया है, जहां भू-माफिया ने 35 गरीब परिवारों को सरकारी (नजूल) जमीन 10-10 लाख में बेची. राजस्व विभाग की कथित लापरवाही से निर्माण कार्य दो माह तक चलता रहा, फिर रोकने पर एक व्यक्ति घायल हुआ. अब सवाल है कि समय पर कार्रवाई क्यों नहीं?
अयोध्या में भू-माफिया द्वारा सरकारी (नजूल) जमीन को अवैध तरीके से बेचने का बड़ा मामला सामने आया है. भू माफिया ताज मोहम्मद ने 35 गरीब परिवारों को गुमराह करके सरकारी जमीन 10-10 लाख में बेच दी. 35 लोगों में ज्यादातर लोग ठेला चलाने वाले और मजदूर शामिल है. गरीबों की मेहनत की कमाई बर्बाद हो गई, अब सभी न्याय की आस में हैं.
पीड़ितों ने जमीन मिलने के बाद अपने मकानों का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया. कई लोगों ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से मकान की बुनियाद भरकर दीवाल उठा ली है. यह निर्माण कार्य दो माह तक चलता रहा, लेकिन बीते दिन राजस्व विभाग ने निर्माण पर रोक लगा दिया. अब सवाल है कि क्या राजस्व विभाग पिछले 2 महीने से सो रहा था?
‘…तो गरीबों की मेहनत की कमाई बर्बाद ना होती’
इतना ही नहीं, राजस्व विभाग की टीम ने निर्माण कार्य पर रोक लगाकर बुलडोजर की कार्यवाही शुरू कर दी. इससे पीड़ित परिवारों में आक्रोश फैल गया और सभी मौके पर डिमोलिशन का प्रतिरोध करने लगे, इस दौरान एक व्यक्ति ने खुद को घायल कर लिया, जिससे तनाव और बढ़ गया. आरोप है कि जब निर्माण कार्य जारी था, तो राजस्व की टीम क्यों नहीं आई?
अब राजस्व विभाग पर सवाल उठ रहा है, साथ ही स्थानीय लेखपाल पर भी लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. लोगों का कहना है कि अगर राजस्व कर्मियों के द्वारा समय रहते निर्माण रोका गया होता तो गरीबों की मेहनत की कमाई बर्बाद ना होती. जब भू-माफिया ताज मोहम्मद गलत तरीके से लोगों को जमीन बेच रहा था, तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पूर्वजों की जमीन बताकर 10-10 लाख में बेच दिया
राजस्व विभाग की टीम, सर्वे नायब के निर्देश पर निर्माण कार्य को रोकने पहुंची थी. मौके पर मौजूद लेखपाल के मुताबिक, 35 लोगों ने निर्माण कार्य का दावा किया है. ताज मोहम्मद ने इन लोगों को झांसा देकर ठगी की है. उन्हें भरेसा दिलाया गया था कि यह जमीन उसके पूर्वजों की है. फिलहाल, मामले में जांच जारी है और पीड़ित परिवार चिंतित हैं.