अयोध्या रामनवमी: दिव्य सूर्य तिलक, 8000 मठ-मंदिरों में विशेष पूजा…. 2 दिन में 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे रामनगरी

पावन नगरी अयोध्या रामनवमी के अवसर पर भक्ति, उल्लास और भव्यता से सराबोर रही. रामलला के जन्म के साथ ही चारों ओर ‘भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला’ की गूंज सुनाई देने लगी. दिव्य सूर्य तिलक ने हिंदू हृदयों में नई ऊर्जा का संचार किया. मुख्यमंत्री योगी ने इसे भारत की मूल आत्मा से जोड़ते हुए 'विकसित भारत' का संकल्प बताया.

दो दिन में 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे रामनगरी

पावन नगरी अयोध्या धाम में शुक्रवार को रामनवमी बड़े धूमधाम से मनाई गई. चारो ओर केवल श्री राम और सियाराम की गूंज थी. राम नाम का यह नाद केवल कानों को ही नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय को आनंदित कर रहा था. प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को सूर्य की किरणों से दिव्य ‘सूर्य तिलक’ लगाया गया.

दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की स्वर्णिम किरणें वैज्ञानिक व्यवस्था के माध्यम से गर्भगृह में प्रवेश कर रामलला के मस्तक पर चार मिनट तक विराजमान रहीं. यह दृश्य आस्था और आधुनिक विज्ञान के अद्भुत मिलन का प्रतीक बना. लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल को प्रत्यक्ष देखने या लाइव प्रसारण के माध्यम से निहारने के लिए रामनगरी पहुंचे.

दोपहर 12 बजे प्रकट उत्सव के बाद सूर्य तिलक

रामनवमी पर राम जन्मभूमि मंदिर को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया था. सुबह से ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और आरती का सिलसिला चल रहा था. दोपहर 12 बजे प्रकट उत्सव के बाद सूर्य तिलक का मुख्य कार्यक्रम हुआ. इसके उपरांत सीएम योगी ने प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं दीं और भावपूर्ण संदेश साझा किया.

बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इस प्रणाली में सूर्य की किरणों को सटीक रूप से निर्देशित किया जाता है, ताकि ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के दिव्य भाल पर स्वर्णिम तिलक अंकित हो सके. यह परंपरा हर वर्ष रामनवमी पर दोहराई जाती है और यह भारत की प्राचीन ज्योतिषीय एवं वास्तु विद्या के साथ आधुनिक ऑप्टिकल साइंस का संगम दर्शाती है

8000 मंदिरों में विशेष पूजा, सुरक्षा चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. अनुमान है कि पूरे दिन लाखों भक्त रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे. राम पथ, सरयू घाट और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों का सैलाब दिखाई दिया.जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां मथुरा से आई लगभग 5 क्विंटल पंजीरी और लड्डू प्रसाद के रूप में वितरित किए गए. रामलला को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए.

दशरथ महल, कनक भवन, हनुमान गढ़ी सहित अयोध्या के हजारों मंदिरों में भी राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया. करीब 8,000 मठ-मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, कीर्तन और सत्संग का आयोजन हुआ. मुख्यमंत्री योगी के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही. ड्रोन निगरानी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था.

भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा- CM

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया पर भावपूर्ण संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा, “सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम ‘सूर्य तिलक’ आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है. यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्ज्वलित कर रहा है.’.

उन्होंने आगे लिखा, ‘यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है. प्रभु श्री राम के दिव्य ‘सूर्य तिलक’ का आलोक ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्पों को दिशा दे रहा है. क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है. जय जय श्री राम.’ भक्तों कहते हैं ‘अयोध्या में रामनवमी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है.’

26-27 मार्च को करीब 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे

अयोध्या रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि 26-27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर करीब 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं. आज दोपहर तक 3.5 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, देर रात तक यह संख्या बढ़कर करीब 4 लाख तक पहुंच सकती है.

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