52 एकड़ जमीन, 650 करोड़ की लागत; अयोध्या में टाटा ग्रुप बनाएगा दुनिया का सबसे भव्य ‘मंदिर संग्रहालय’

अयोध्या में टाटा ग्रुप 650 करोड़ रुपये की लागत से 52 एकड़ भूमि पर एक भव्य विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय बना रहा है. यह संग्रहालय भारतीय मंदिर वास्तुकला, मूर्तिकला और प्राचीन परंपराओं को एक छत के नीचे लाएगा. यह परियोजना अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र बनाएगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी और हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी, जिससे रामनगरी का विकास होगा.

राम मंदिर, अयोध्या

रामनगरी अयोध्या अब केवल सनातनियों का एक तीर्थ ही नहीं, बल्कि अब यह विश्व स्तरीय सांस्कृतिक धरोहर का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रही है. अयोध्या में टाटा ग्रुप ने अपने CSR फंड से एक भव्य मंदिर संग्रहालय बनाने की तैयारी कर रहा है. करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर संग्रहालय (World Class Temple Museum) 52 एकड़ जमीन पर बनेगा. इसके लिए पिछले दिनों टाटा ग्रुप ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव दिया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है.

सरकार ने मंदिर संग्रहालय के लिए एक रुपये वार्षिक किराए की लीज पर जमीन देने का भी फैसला किया है. सरकार के इस फैसले के मुताबिक अयोध्या के मांझा जमथरा में नजूल की 52.102 एकड़ सरकारी भूमि 90 साल की लीज पर जल्द ही टाटा ग्रुप को सौंप दी जाएगी. इसके एवज में सरकार टाटा ग्रुप से हर साल एक रुपये किराया वसूल करेगी. वहीं टाटा ग्रुप ने दावा किया है कि यह संग्रहालय भारतीय मंदिर वास्तुकला, प्राचीन शिल्पकला, मूर्तिकला और हजारों वर्ष पुरानी मंदिर परंपरा को एक छत के नीचे लाने की कोशिश करेगा. इस संबंध में बीते 3 सितंबर 2024 को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय MoU पर हस्ताक्षर हुआ था.

पैदा होंगे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार

राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से प्रदेश में रोजगार का सृजन होगा. इससे लंबे समय तक राजस्व की प्राप्ति होगी. विदेशी पर्यटकों के लिए यह भारत की प्राचीन मंदिर संस्कृति का जीवंत दर्शन तो होगा ही, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी एक बड़ा माध्यम बनेगा. सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक राम मंदिर के बाद अयोध्या वासियों के लिए यह दूसरा सबसे बड़ा तोहफा होगा. इससे बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे.

रोजाना आ रहे 4 लाख श्रद्धालु

जानकारी के मुताबिक 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही अयोध्या में देशी विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है. रोजाना यहां 2 से 4 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. हालांकि अभी भी युवा पीढ़ी और विदेशी पर्यटकों के लिए यहां विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी खलती थी. इस खाई को पाटने के लिए टाटा ग्रुप का यह प्रयास कारगर साबित होगा. प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि यह संग्रहालय सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी मंदिर परंपरा का जीता-जागता प्रमाण होगा.