एक कुर्सी, दो अधिकारी और भ्रम में कर्मचारी… आजमगढ़ शिक्षा विभाग में छिड़ा संग्राम
आजमगढ़ के माध्यमिक शिक्षा विभाग में अजीबोगरीब स्थिति है. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पद पर दो अधिकारी एक साथ कार्यभार संभाल रहे हैं. दोनों अधिकारी एक साथ कुर्सियां लगाकर के कार्य कर रहे हैं. विभागीय कर्मचारियों में इसको लेकर भारी भ्रम की स्थिति है.
आजमगढ़ के माध्यमिक शिक्षा विभाग से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पद पर दो अधिकारी एक साथ कार्यभार संभाल रहे हैं. इस घटनाक्रम से विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है. कर्मचारी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आधिकारिक आदेशों के तहत अंतिम निर्णय और हस्ताक्षर का अधिकार किसके पास है?
दोनों अधिकारी एक साथ कुर्सियां लगाकर के कार्य कर रहे हैं. विभागीय कर्मचारियों में इसको लेकर भारी भ्रम की स्थिति है. एक माह के अवकाश के बाद DIOS उपेंद्र कुमार ने फिर से कार्यभार ग्रहण कर लिया है. जबकि पूर्व में प्रभारी DIOS के रूप में कार्य देख रहे वीरेंद्र प्रताप सिंह की सक्रियता अभी भी बनी हुई है. दोनों के बीच अब कुर्सी पर संग्राम छिड़ गया है.
फाइलों के निपटान और प्रशासनिक कार्यों में बाधा
सूत्रों के अनुसार, उपेंद्र कुमार के अवकाश पर रहने के दौरान वीरेंद्र प्रताप सिंह को प्रभारी DIOS का दायित्व सौंपा गया था. लेकिन अब अवकाश से लौटे उपेंद्र कुमार और वीरेंद्र प्रताप सिंह के बीच कुर्सी को लेकर संग्राम चल रहा है. इससे फाइलों के निपटान और प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही है. संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा है.
बताया जा रहा है कि प्रभार सौंपे जाने के बावजूद वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यालय के कर्मचारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें निर्देश दिया गया कि किसी भी फाइल पर उपेंद्र कुमार के हस्ताक्षर न कराए जाएं और सभी कार्य उनके माध्यम से ही संपादित किए जाएं. विभागीय कर्मचारियों में कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्टता नहीं बन पा रही है.
आजमगढ़ DIOS का कार्यभार कौन संभाल रहा?
मामले को लेकर संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने बताया कि उपेंद्र कुमार अवकाश पर गए थे. वहां से आने के बाद उपेंद्र ने डीएम को कोई सूचना नहीं दी. इस वजह से डीआईओएस की जिम्मेदारी वीरेंद्र प्रताप सिंह को सौपी गई है, लेकिन हमने इस पूरे मामले पर निदेशालय से बातचीत करके शाम तक स्पष्ट कर देंगे कि कार्यभार कौन संभालेगा.
