सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत 29 आरोपी बरी, सरकार की अपील खारिज; जानें क्या है मामला
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और 28 अन्य को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सपा सांद समेत सभी को साल 2022 के एक मामले में बरी कर दिया गया है. अदालत ने सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिससे निचली अदालत का उन्हें बरी करने का फैसला बरकरार रहा.
आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव को गुरुवार को बड़ी राहत मिली है. अदलात ने एक पुराने मामले में सांसद समेत सभी 29 आरोपियों को बरी कर दिया. एमपी/एमएलए कोर्ट ने इसके साथ ही सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिससे निचली अदालत का उन्हें बरी करने का फैसला बरकरार रहा..
अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पूनम सिंघल की अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया. अदालत ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को सही ठहराया. यह मामला साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान शहर के एक लॉन में शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की बैठक से जुड़ा था. वहीं, मामले में अब सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया.
चुनाव में लालच देकर वोट खरीदने का आरोप
यह मामला साल 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा था. उस समय के सदर एसडीएम रहे सुखलाल प्रसाद वर्मा ने आचार संहिता उल्लंघन को लेकर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि शहर के एक लॉन में शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की बैठक बुलाई गई, जिसमें लालच देकर वोट खरीदने की कोशिश हुई थी.
इस मामले में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत 29 लोगों को दोषी बनाया गया था, इसके बाद मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी. सपा सांंसद पर आचार संहिता का उल्लंघन, कोविड अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया था. हालांकि, मामले में सभी आरोपियों को निचली अदालत से 2024 में बरी मिल गई थी.
सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसे न्याय की जीत बताया
निचली अदालत से बरी मिले के बाद राज्य सरकार ने फैसले को एमपी/एमएलए कोर्ट में चुनौती दी थी. वहीं बदायूं की अदालत ने अब निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए शासन की अपील को निरस्त कर दी है. कोर्ट के फैसले के बाद समाजवादी पार्टी में खुशी की लहर है. आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसे न्याय की जीत बताया है.