पिछली बार तो सलवार पहनकर भागे… बाबा रामदेव के आंदोलन पर ये क्या बोल गए ब्रजभूषण शरण?
पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव के आंदोलन पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रामदेव अब केवल बाबा नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपति हैं, जिनके उत्पाद नकली पाए जाते हैं. ब्रजभूषण सिंह ने बाबा रामदेव को सलाह दी कि वे 'मर्द की तरह' आंदोलन करें, पिछली बार की तरह सलवार पहनकर न भागें. उन्होंने नकली खाद्य पदार्थों से कैंसर फैलाने का आरोप भी लगाया.
यूपी में बसपा के इकलौते विधायक स्व. उमा शंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे गोंडा के पूर्व बीजेपी सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव के खिलाफ बड़ा बयान दिया है. बाबा रामदेव के आंदोलन वाले बयान पर पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें जरूर आंदोलन करना चाहिए, लेकिन इस बार मर्दों की तरह और दमदार तरीके से आंदोलन हो. ऐसा ना हो कि पिछली बार की तरह इस बार भी सलवार पहनकर भागना पड़े.
उमाशंकर सिंह के पैतृक गांव बलिया के खनवर पहुंचे ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पहले भी उन्होंने स्वदेशी को लेकर एक आंदोलन किया था. पूरे देश में दौरा किया. फिर स्वदेशी से शुरू हुए और कोई नकली ब्रांड ऐसा नहीं रहा, जो उन्होंने नहीं बनाया. उन्होंने कोई काम ही ऐसा नहीं बचा, जो ना किया हो. अब तो वह चढ्ढी तक बनाने लगे. इसलिए अबकी बार जरुरी है कि रामदेव जी आंदोलन करें, लेकिन इस बार सलवार पहनकर ना भागें.
रामदेव को बताया उद्योगपति
ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि रामदेव अब केवल बाबा नहीं रहे, अब वो देश के बहुत बड़े उद्योगपति हैं. नकली खाद्य पदार्थ बनाने वालों के वो सम्राट हैं. उनके नमूने रोज फेल होते है. अब ऐसा आदमी आंदोलन खड़ा करे तो फिर भगवान ही मालिक है. उन्होंने बाबा रामदेव को सलाह दी कि यदि वो बाबा है तो बाबा के भेष में रहे. मीडिया से बात करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि आप ने देखा होगा कि अन्ना के आंदोलन में वो सलवार शूट पहन कर रातोंरात भागे थे.
हर गांव में कैंसर के मरीज
ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जिसके बारे में हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट टिप्पड़ी करता हो, जिसके खाद्य पदार्थ के कारण कैंसर फ़ैल रहा हो, जिसके कारण लाखों लोग मर रहे हों, ऐसा आदमी आंदोलन खड़ा कर रहा है. ऐसे आदमी को तो नकली खाद्य पदार्थ के खिलाफ सबसे पहले आंदोलन खड़ा करना चाहिए. जो बीज उन्होंने बोया है, उसका असर ये है कि गांव गांव में दस-दस पांच-पांच लोग आज कैंसर के मरीज हो गए हैं.
