श्मशान डूबा, घाट डूबे; प्रयागराज में गंगा-यमुना का रौद्र रूप… कई गांवों में भरा पानी

प्रयागराज में गंगा और यमुना ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे शहर और ग्रामीण इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. दारागंज श्मशान घाट पानी में डूब गया है, जिससे अंतिम संस्कार अब रिवर फ्रंट सड़क पर हो रहे हैं. कई घाट और गांव जलमग्न हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है. NDRF और SDRF की टीमें बचाव व राहत कार्यों में जुटी हैं.

प्रयागराज में बाढ़ से डूबा श्मशान घाट

उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दोनों नदियों के तेजी से बढ़ते जलस्तर से लोगों की दिन चर्या भी प्रभावित होने लगी है. बल्कि अब तो पतित पावनी गंगा के तट पर अंतिम संस्कार भी मुश्किल हो गया है. बाढ़ का आलम यह है कि गंगा और यमुना के किनारे बने सभी स्नान घाट पहले ही डूब चुके हैं. अब दारागंज श्मशान भी डूब गया है.

स्थिति यहां तक आ गई है कि गंगा रिवर फ्रंट सड़क पर ही शव रखकर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक दारागंज श्मशान घाट पर केवल प्रयागराज से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के रीवा, पन्ना समेत दूसरे इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए आते हैं. इसकी वजह से हमेशा यहां शव जलते रहते हैं. अब बाढ़ के कारण श्मशान घाट तो डूब गया, ऐसे में लोगों के सामने अपनों के अंतिम संस्कार की चुनौती खड़ी हो गई है.

रिवर फ्रंट की सड़क तक पहुंचा पानी

प्रयागराज में लोग बाढ़ के खतरे से डरे हुए हैं. दोनों नदियों का पानी तेजी से ऊपर आने के कारण संगम नगरी में कई गंगा घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां और पक्के घाट पानी में समा चुके हैं. बाढ़ का पानी अब गंगा रिवर फ्रंट की सड़क को छूने लगा है. इससे घाटों पर आने-जाने और धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है. नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. प्रशासन की ओर से लगातार जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है.

गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है. बारा और कोरांव क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं. कई जगहों पर निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार मोर्चे पर हैं. टीमें नावों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही हैं.

Follow Us