दर्दनाक… बलिया में दो मंजिला मकान में लगी आग, मां-बेटे की जिंदा जलकर मौत, छत से कूदकर पति ने बचाई जान
बलिया के डूमरी मार्ग पर होलसेल की दुकान चलाने वाले नीरज चौरसिया के मकान में आग लग गई. आग लगने के बाद नीरज ने अपनी पत्नी और बेटे को बचाने का भरसक प्रयास किया. लेकिन, सीढ़ी का दरवाजा बंद होने से सभी मकान के पहले तल पर ही फंस गए. इस दौरान नीरज की पत्नी और उसके 5 वर्षीय बेटे की जलकर मौत हो गई. वहीं, नीरज से छत से कूदकर अपनी जान बचाई है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है.
बलिया के डुमरी मार्ग स्थिति एक दो मंजिला मकान में आग लग गई. इस दौरान मकान के अंदर मौजूद रिंकी और उसके 5 वर्षीय बेटे धीरज की झुलसने से मौत हो गई. वहीं, रिंकी के पति नीरज ने छत से कूद अपनी जान बचाई है. हालांकि, छत से कूदने के चलते से वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
चिलकहर चट्टी के डुमरी मार्ग पर नीरज चौरसिया की किराना की होलसेल की दुकान है. पहले तल पर वह पत्नी रिंकी और धीरज के साथ रहते थे. लेकिन रविवार रात को अचानक उनकी दुकान में आग लग गई. आग लगने के बाद नीरज ने अपनी पत्नी और बेटे को बचाने का भरसक प्रयास किया. लेकिन, मकान की सीढ़ी का दरवाजा बंद था, इसलिए प्रथम तल पर ही फंस गए बाहर निकल नहीं पाए.
नहीं बचाई जा सकी मां-बेटे की जान
नीरज के चीख-पुकार मचाने, आग की लपटें देख स्थानीय लोग घटनास्थल की तरफ भांगे. नीरज की पत्नी रिंकी और उसके 5 साल के बेटे को बचाने की कोशिश की गई. लेकिन तबतक दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे. तुरंत दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
नहीं मिल रहे हैं पिता
छत से कूदने के चलते नीरज के पैर में फ्रैक्चर हो गया है. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, नीरज के साथ रहने वाले उनके पिता का कहीं पता नहीं चल रहा है. चिलकहर पुलिस अधीक्षक के अनुसार हो सकता है कि उसके पिता ताला बंद करके कहीं चले गए हों। अभी इसकी जांच की जा रही है.
दो दिन पहले धीरज का था मुंडन संस्कार
पुलिस का कहना है आग कैसे लगी, इसको लेकर अब तक कोई जानकारी नहीं सामने आ सकी है. फिलहाल, इस घटना के बारे में अभी कुछ कह पाना मुश्किल है. जांच की जा रही है. उधर, स्थानीय लोगों ने बताया कि नीरज के 5 वर्षीय बेटे धीरज का दो दिन पूर्व मुंडन संस्कार था. परिवार बेहद खुश था. 2 दिन के अंदर परिवार के साथ ऐसा कुछ घट गया, जिससे हर किसी को पीड़ा है.
