साथी की पिटाई के बाद वकीलों का बवाल, 25 घंटे से टोल प्लाजा फ्री, मैनेजर समेत 5 गिरफ्तार

बाराबंकी के बारा टोल प्लाजा पर साथियों की पिटाई से भड़के वकीलों ने जमकर बवाल मचाया. तकरीबन 25 घंटे से बारा टोल प्लाजा फ्री है. वकीलों ने बूम-बैरियर सब तोड़ दिया है. फिलहाल, टोल प्लाजा से कर्मचारी भाग खड़े हुए हैं. वहीं, वकील इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है.

बारा टोल प्लाजा 25 घंटे से फ्री Image Credit:

लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे स्थित बारा टोल प्लाजा पर बुधवार यानी 14 जनवरी को प्रयागराज हाईकोर्ट के एक वकील से कथित तौर पर मारपीट की गई. इससे वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया है. पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं. स्थानीय वकीलों के साथ-साथ लखनऊ समेत कई अन्य जिलों के वकीलों ने इसको लेकर टोल प्लाजा पर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान यातायात बाधित रहा और 25 घंटे तक टोल प्लाजा फ्री रहा.

जानकारी के मुताबिक बाराबंकी के प्रतापगढ़ निवासी रत्नेश कुमार शुक्ला प्रयागराज हाईकोर्ट में वकालत करते हैं. उनका आरोप है कि बारा टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की. फिर सोने की अंगूठी छीन ली. उनके मुताबिक फास्टैग में बैलेंस खत्म होने पर उन्होंने नकद भुगतान कर रसीद कटवाने की बात कही, लेकिन टोल कर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई. इस दौरान टोल कर्मियों ने अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला पर हमला कर दिया. उन्हें सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटा. घटना में वह घायल हो गए. घटना में वकील रत्नेश कुमार शुक्ला घायल हो गए.

25 घंटे से टोल प्लाजा फ्री

पुलिस ने शुरुआत में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की. लेकिन आरोपियों का केवल शांतिभंग की धाराओं में चालान किया गया. इसकी जानकारी मिलते ही वकील भड़क उठे. फिर क्या हैदरगढ़, लखनऊ, बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुलतानपुर के वकील टोल प्लाजा पहुंच गए. वकीलों को देखते हुए टोल कर्मी भाग खड़े हुए. वकीलों ने टोल को फ्री कर दिया. बूम-बैरियर सब तोड़ दिया. फिलहाल, टोल प्लाजा पर कोई भी कर्मचारी नहीं है. इसके चलते 25 घंटे से टोल फ्री चल रहा है.

बता दें पहले चरण में बार अध्यक्ष अचल शुक्ला मिश्र की अगुवाई में साढ़े तीन घंटे बाद आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया गया. लेकिन एक घंटे बाद फिर से वकीलों का प्रदर्शन उग्र हो गया. दोबारा लगाए जा रहे बूम बैरियर को भी तोड़ दिया गया. इन सबरे दौरान यूपी बार काउंसिल के सदस्य अखिलेश अवस्थी हाईकोर्ट लखनऊ के तीन दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए.

भाकियू कार्यकर्ताओं का भी वकीलों को समर्थन

अखिलेश अवस्थी और उनके साथियों ने एएसपी, एसडीएम और सीओ से सवाल किया कि मारपीट जैसे गंभीर मामले में शांतिभंग की धाराएं क्यों लगाई गईं. लेकिन उनका कहना है अधिकारियों संतोषजनक जवाब ना दिया. इसलिए उनकी नाराजगी बढ़ गई. बता दें वकीलों के आंदोलन को भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया.

पुलिस ने टोल प्लाजा के मैनेजर को गिरफ्तार किया

इधर दबाव के चलते पुलिस ने टोल प्लाजा के मैनेजर जंगभान सिंह समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को गिरफ्तारी की पुष्टि वीडियो दिखाकर की. वकील अब भी आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. साथ ही टोल प्लाजा संचालक कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की बात कही है. इसके अलावा स्थानीय अधिवक्ताओं को टोल फ्री सुविधा दी जाए.