मां के शव के पास बैठ रोता-बिलखता रहा 10 साल का बेटा, फिर अकेले ही कराया पोस्टमार्टम, दिल चीर देगी बच्चे की दर्दनाक कहानी

एटा में 10 साल का बच्चा अपनी मां के शव पास घंटों बैठ रोता-बिलखते रहा. इस दौरान वह मदद के लिए अपने रिश्तेदारों का इंतजार करता रहा. लेकिन कोई नहीं आया. ऐसे में बच्चा खुद ही एक कर्मचारी की मदद से अपनी मां के शव का पोस्टमार्टम कराने जिला अस्पताल पहुंचा.

10 साल के बच्चे ने मां के शव का अकेले कराया पोस्टमार्टम Image Credit:

यूपी के एटा जिले से एक दर्दनाक वाकया सामने आया. यहां 10 वर्षीय बच्चे ने अपनी मां को खो दिया. इसके बाद वह मां की शव के साथ अकेले जिला अस्पताल पोस्टमार्टम कराने पहुंच गया. यहां बच्चे की जो कहानी पता चली वह हर किसी का दिल तोड़ देगी.

दरअसल, बच्चे की मां को टीबी और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियां थीं. बुधवार यानी 14 जनवरी रात को बच्चे की मां ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि बच्चा अपनी मां का इलाज भी अकेले ही करा रहा था. इसके अलावा जब उसकी मां की मौत हुई तो उस वक्त भी उसके साथ कोई रिश्तेदार नहीं था. इस दौरान कोई पड़ोसी भी उसके साथ नहीं दिखा.

मां की शव के पास घंटों बैठा रहा बच्चा

जानकारी के मुताबिक मां की मौत के बाद उनकी शव के पास बच्चा घंटों बैठकर किसी के आने का इंतजार करता रहा. इस दौरान वह रोता-बिलखता रहा. लेकिन समाज में मौजूद लोगों का दिल नहीं पिघला. इस बीच पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे. इस दौरान बच्चों की आंखों में आसूं थे.

बच्चे के पिता की भी हो गई है मौत

बच्चे ने पुलिस को बताया कि पिछले साल उसके पिता की भी मौत एड्स (AIDS) के चलते हो गई थी. तभी से रिश्तेदारों ने घर आना और बात करना छोड़ दिया. उसने बताया कि पापा की मौत के बाद उसका स्कूल जाना भी छूट गया. वही, अकेले मां की देखभाल करता है. चाचा को भी मां के गुजरने की खबर नहीं है.

नहीं छोड़ा मां की शव का साथ

बच्चे ने बताया कि उसकी मां का लंबे समय से इलाज चल रहा था. कानपुर और फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में भी मां का इलाज काराया था. लेकिन हालत सुधरने की जगह बिगड़ते चली गई. मां की मौत के बाद बच्चा किसी के आने का इंतजार करता रहा. जब कोई नहीं आया तो अस्पताल के एक कर्मचारी ने उसकी मदद की. उसने बच्चे की मां के शव को स्ट्रेचर पर रखवाया और शवगृह तक बच्चे के साथ ले गया. पोस्टमार्टम के दौरान भी बच्चा अपनी मां के शव को छोड़ने को राजी नहीं हुआ. खबर फैलने के बाद कासगंज के रहने वाले जब उसके चाचा आए तब जाकर बच्चे ने अपनी मां का साथ छोड़ा.

जांच हुई शुरू

उधर इस मसले पर प्रशासनिक जांच भी शुरू हो गई है. 52 वर्षीय महिला का इलाज वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज, एटा में चल रहा था. यहां के सीएमओ के मुताबिक महिला का एक बार 2017 में टीवी का इलाज यहां चुका है. वह एकदम सही होकर घर लौटी थी. अब इस मामले की जांच कराई जा रही है क्या महिला को एचआईवी डिटेक्ट होने के बाद इलाज में मिलने वाली सुविधाएं दी गई थी कि नहीं.