शिक्षकों को भूसा इकट्ठा करने के आदेश पर नप गए BEO, बीएसए ने कारण बताओ नोटिस किया जारी

बरेली में नवाबगंज खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव, शिक्षकों को गायों के लिए भूसा जुटाने के आदेश के बाद नप गए हैं. बीएसए डॉक्टर विनीता ने साफ किया है कि प्रशासन या विभाग द्वारा शिक्षकों को ऐसा कोई भी काम सौंपने का आदेश नहीं दिया गया था. अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है.

शिक्षकों को भूसा इकट्ठा करने का आदेश पर नप गए BEO

बरेली में शिक्षा विभाग के एक आदेश ने शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा दिया था. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर शिक्षकों को निराश्रित पशुओं के लिए भूसा इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया था. अब इस पूरे मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बरेली, डॉक्टर विनीता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है.

खंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

मामला बरेली के नवाबगंज ब्लॉक का है, जहां खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव द्वारा जारी एक पत्र के बाद विवाद खड़ा हो गया था. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बरेली की बीएसए डॉक्टर विनीता ने साफ किया है कि प्रशासन या विभाग द्वारा शिक्षकों को ऐसा कोई भी काम सौंपने का आदेश नहीं दिया गया था. उन्होंने नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी के इस कदम को बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाही भरा बताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही मुख्यालय के लिए अटैच कर दिया गया है.

‘भूसा संग्रहण करने का कोई आदेश नहीं दिया गया’

BSA , डॉक्टर विनीता का कहना है कि विभाग की ओर से या प्रशासन की ओर से शिक्षकों द्वारा भूसा संग्रहण करने का कोई न आदेश दिया गया है, न ही निर्देश दिया गया है. इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज द्वारा जो यह पत्र निर्गत किया गया है शिक्षकों के लिए, वह बिल्कुल ही उनकी लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना है. ऐसे में उनको एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. लेकिन ऐसे कोई भी आदेश नहीं दिए गए थे.

‘आम जनता में भूसा संग्रहण की मुहिम चलाई जा रही’

BSA , डॉक्टर विनीता ने कहा कि हां यह जरूर जो निराश्रित गौवंश हैं या बेसहारा पशु हैं. उनके लिए भूसा संग्रहण की मुहिम चलाई जा रही है. इसमें जो लोग स्वेच्छा से दान करना चाहते हैं, वो आगे आएं और लोग आ भी रहे हैं. कई लोगों का यह भी कहना है कि वो इस तरह का सहयोग करना चाह रहे हैं लेकिन उनको कोई ऐसा माध्यम नहीं मिल पा रहा था कि किस तरह से वो सहयोग करें. लेकिन शिक्षकों को ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था कि उनके द्वारा कोई भूसा संग्रहण किया जाए.

‘भूसा संग्रहण पूरी तरह एक स्वैच्छिक मुहिम’

बीएसए ने साफ कर दिया है कि बेसहारा पशुओं के लिए भूसा इकट्ठा करने का अभियान पूरी तरह से एक स्वैच्छिक मुहिम है. इसमें आम जनता अपनी मर्जी से बढ़-चढ़कर दान कर रही है. इसमें शिक्षकों पर किसी भी तरह का कोई दबाव या सरकारी आदेश नहीं है. फिलहाल, लापरवाही बरतने वाले खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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