वर्दी से क्यों भंग हो रहा मोह? बरेली पुलिस के 35 जवानों ने छोड़ी नौकरी, सामने आई बड़ी वजह
उत्तर प्रदेश के बरेली में 35 पुलिसकर्मियों ने डेढ़ साल में नौकरी छोड़ दी है. कभी युवाओं का सपना मानी जाती थी पुलिस की वर्दी, लेकिन अब इससे कयास लगाए जा रहे कि इस वर्दी से युवाओं का मोहभंग हो रहा है. इस्तीफे के पीछे बेहतर सरकारी नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियां, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और लंबी ड्यूटी व मानसिक दबाव जैसे कारण सामने आए हैं.
एक तरफ सरकारी नौकरी के लिए युवाओं में होड़ मची है. वह कठिन से कठिन परीक्षा देने को तैयार हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है. यहां पुलिस में नौकरी पाने के बाद 35 जवानों ने वर्दी उतार दी है. इन 35 जवानों ने महज डेढ़ साल के अंदर अपना इस्तीफा दिया और किसी ने दूसरी नौकरी चुन ली तो कोई अपने परिवार की सेवा के लिए घर लौट गया. इस रिपोर्ट को देखने के बाद जब मामले को खंगाला गया तो चौंकाने वाली वजह सामने आई.
बता दें कि पुलिस की नौकरी कभी युवाओं का सबसे बड़ा सपना मानी जाती थी, लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती दिखाई दे रही है. बरेली जिले में पिछले करीब डेढ़ साल के अंदर 35 पुलिसकर्मियों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया. इनमें कई ऐसे हैं जिन्होंने दूसरी सरकारी नौकरी मिलने पर पुलिस विभाग को अलविदा कहा, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों ने बीमारी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वर्दी उतारने का फैसला लिया. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने यह चर्चा जरूर शुरू कर दी है कि अब पुलिस की नौकरी का वो क्रेज नहीं रहा.
नौकरी छोड़ने वालों में दरोगा भी
1 जनवरी 2025 से 17 जुलाई 2026 तक जिले में तैनात 35 पुलिसकर्मियों ने नियमों के तहत त्यागपत्र दिया. इनमें दरोगा, आरक्षी और फायरमैन तक शामिल हैं. कई पुलिसकर्मी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर दूसरे विभागों में चयनित हुए और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए पुलिस सेवा छोड़ दी. इस्तीफा देने वालों में दरोगा सचिन राठी का चयन कैबिनेट सचिवालय में डीएफओ पद पर हुआ. आरक्षी शुभम अहलावत आईटीबीपी में उपनिरीक्षक बने, जबकि बीनू का चयन रेलवे सुरक्षा बल में उपनिरीक्षक पद पर हुआ. उपनिरीक्षक प्रणव रेलवे में सहायक टंकक बने तो आरक्षी प्रिया ने दिल्ली पुलिस जॉइन की है. इसी प्रकार हर्ष का चयन दिल्ली पुलिस में जेल वार्डर के पद पर हुआ है.
बीमारी और पारिवारिक कारण भी वजह
सभी इस्तीफे दूसरी नौकरी मिलने की वजह से नहीं हुए. कुछ पुलिसकर्मियों ने मजबूरी में वर्दी उतारी. आरक्षी दिव्या यादव ने अपनी मां की खराब तबीयत के कारण नौकरी छोड़ दी तो आरक्षी दक्ष ने बीमारी की वजह से इस्तीफा दिया है. सोहित चौधरी ने पारिवारिक कारणों से सेवा छोड़ दी, जबकि आरक्षी अभिषेक को स्वास्थ्य संबंधी समस्या और दौरे पड़ने के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी. पुलिस की नौकरी छोड़ने की बड़ी वजह लगातार बढ़ती जिम्मेदारियां, लंबी ड्यूटी, मानसिक दबाव और बेहतर करियर की तलाश जैसे कारण भी हैं. एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक कई पुलिसकर्मी विभाग की अनुमति से प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं और सफल होने पर उन्हें इस्तीफा देते हैं. यह उनका व्यक्तिगत निर्णय होता है.
