बरेली में स्कूल बस हादसे के बाद बवाल, 13 बच्चों को आई चोट; परिजनों का मैनेजमेंट पर फूटा गुस्सा
बरेली में एक स्कूल बस हादसे का शिकार हुई, जिसमें 13 बच्चे घायल हुए हैं और 6 गंभीर हैं. जटऊ पट्टी के पास बस पेड़ से टकराई. अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर जर्जर बस के इस्तेमाल और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह स्कूली बच्चों से भरी बस हादसे का शिकार हो गई. जटऊ पट्टी गांव के पास तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई. हादसे में बस में सवार 31 बच्चों में से 13 बच्चे घायल हो गए. इनमें छह बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी का इलाज राममूर्ति मेडिकल अस्पताल ले चल रहा है.
बताया जा रहा है कि न्यू इंग्लैंड स्कूल की बस रोज की तरह शुक्रवार सुबह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. बस जटऊ पट्टी गांव के पास पहुंची ही थी कि अचानक चालक का बस पर नियंत्रण नहीं रहा. चालक बस को संभाल पाता, इससे पहले ही वह सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई. टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया.
हादसे के बाद चीख-पुकार, ग्रामीणों ने की मदद
बस के पेड़ से टकराते ही अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई. आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे बच्चों को बाहर निकालने में मदद की. हादसे की सूचना पुलिस और एंबुलेंस को दी गई. कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और घायल बच्चों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई.
हादसे में घायल 13 बच्चों को राममूर्ति मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद छह बच्चों की हालत गंभीर बताई है. गंभीर बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि अन्य घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया है. हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन भी आनन-फानन में अस्पताल पहुंचने लगे.
बस की हालत जर्जर, स्कूल से शिकायत की थी
अस्पताल पहुंचे अभिभावकों ने बच्चों को घायल देखकर परेशान हो गए. अस्पताल में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. इसके बाद परिजनों का गुस्सा स्कूल प्रबंधन पर फूट पड़ा. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए जिस बस का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह काफी पुरानी और जर्जर हालत में थी.
उनका कहना है कि बस की हालत को लेकर पहले भी स्कूल प्रशासन से शिकायत की गई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया. अभिभावकों ने सवाल उठाया कि अगर बस की समय पर जांच और मरम्मत कराई गई होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. उन्होंने स्कूल प्रबंधन और बस चालक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस ने हादसे की गहन जांच शुरू कर दी
अभिभावकों कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए. हादसे के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने में जुटी है कि बस किस वजह से अनियंत्रित हुई और हादसे के समय उसकी रफ्तार कितनी थी.