ये मंदिर भी है अतिक्रमण की जद में, कैलाशानंद हैं संरक्षक; बुलडोजर के खौफ में प्रबंधन ने खुद चलाया हथौड़ा
बरेली में सड़क चौड़ीकरण की जद में कैलाशानंद महाराज के पंचमुखी हनुमान मंदिर का 1.25 मीटर हिस्सा आ गया है. यह हिस्सा मंदिर प्रबंधन ने अतिक्रमण कर के घेरा हुआ है. नगर निगम के बुलडोजर और हर्जाने के डर से मंदिर प्रबंधन ने स्वयं इस हिस्से को तोड़ना शुरू कर दिया है. यह कार्रवाई सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रही है.
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज का भी एक मंदिर आ गया है. इस पंचमुखी हनुमान मंदिर का करीब सवा मीटर हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की जद में है. कहा जा रहा है मंदिर प्रबंधन ने इस सवा मीटर हिस्से पर अतिक्रमण कर दीवार खड़ी कर लिया है. वहीं नगर निगम के बुलडोजर और हर्जाने के डर से मंदिर प्रबंधन ने खुद ही इस हिस्से खड़ी दीवार को तोड़ना शुरू कर दिया है.
बता दें कि बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है. इसी क्रम में प्रेमनगर थाना क्षेत्र में धर्मकांटा चौराहे से कोहाड़ापीर तक सड़क चौड़ी होनी है. नगर निगम ने पैमाइश कर पहले ही अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए लाल निशान लगा दिया था. अब बुलडोजर की कार्रवाई होनी थी. लेकिन इससे पहले मंदिर प्रबंधन ने खुद ही अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू किया है.
22 फरवरी को जारी हुआ था नोटिस
इस प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर की देखरेख निरंजनी अखाड़ा करता है और इस अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज हैं. नगर निगम ने मंदिर के नाम 22 फरवरी 2026 को नोटिस जारी किया था. इस नोटिस की कॉपी मंदिर की दीवार पर भी चस्पा किया गया. इसमें साफ तौर पर लिखा था कि एक हफ्ते में अतिक्रमण खुद हटाएं, अन्यथा नगर निगम बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाएगा और इसका खर्च मंदिर प्रबंधन से वसूल किया जाएगा.
अब तक 40 मकानों पर चला बुलडोजर
सड़क चौड़करण की जद में आए 40 मकानों पर अब तक बुलडोजर चल चुका है. ये सभी 40 मकना सड़क की जमीन घेर कर बनाए गए थे. इस कार्रवाई में भारी नुकसान को देखते हुए लोग खुद ही आगे बढ़कर अपना अतिक्रमण हटाने लगा. मंदिर प्रबंधन ने भी इसी डर से मंदिर के आगे वाले हिस्से को तोड़ना शुरू किया है. मंदिर प्रबंधन का कहना है कि नगर निगम का बुलडोजर चला तो मंदिर के मुख्य ढांचे को भी नुकसान हो सकता है.
मंदिर प्रबंधन का आया बयान
मंदिर की देखरेख कर रहे देवांग ने बताया कि इस घटनाक्रम से आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज को अवगत करा दिया गया है. उनकी सहमति के बाद ही मंदिर प्रबंधन ने यहां तोड़फोड़ शुरू किया है. उन्होंने बताया कि मंदिर का आगे का हिस्सा हटने के बाद पंचमुखी हनुमान जी के विग्रह को पीछे की ओर सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाएगा. फिलहाल पूरी सावधानी के साथ मंदिर के अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाया जा रहा है.