नाबालिग है मोनालिसा! शादी कर बुरा फंसा फरमान, पहले घर वालों ने किया बेदखल; अब दर्ज हुई FIR
महाकुंभ में सुर्खियों में आई मोनालिसा नाबालिग निकली, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ है. इसके बाद पति फरमान पर POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई है. जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का भी पता चला है. फरमान को पहले उसके परिवार ने बेदखल किया, अब उसकी शादी ही कानूनी पचड़े में फंस गई है.
महाकुंभ में माला बेचकर सुर्खियों में आई सुनहरी आंखों वाली मोनालिसा नाबालिग है. यह खुलासा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में हुआ है. आयोग की इस जांच रिपोर्ट के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसके पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले फरमान हाल ही में मोनालिसा के साथ केरल के एक मंदिर में शादी रचाई थी.
इस शादी के खिलाफ पहले मोनालिसा की बहन, पिता एवं अन्य परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए थे. इन्होंने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावा प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी. इसके बाद आयोग ने मामले की जांच कराई और अब ये चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं. उधर, फरमान के भी पिता ने ना केवल उससे रिश्ते तोड़ लिए हैं, बल्कि उसे पैत्रिक संपत्ति से भी बेदखल कर दिया है.
कानूनी पचड़े में फंसी शादी
मोनालिसा और फरमान दोनों ने ही केरल के मंदिर में शादी करते हुए दावा किया था कि वह बालिग हैं, लेकिन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की जांच के बाद इनकी शादी कानूनी पचड़े में फंस गई है. माना जा रहा है कि इस शादी को नल एंड वाइड घोषित किया जा सकता है. इस मतलब इस शादी की मान्यता नहीं रहेगी. वहीं मोनालिसा के नाबालिग होने की वजह से उसके बयान का कोई अर्थ नहीं रह जाता. ऐसे में फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ उसे बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मामला भी दर्ज हो गया है.
क्या है जांच रिपोर्ट में?
मोनालिसा और फरमान ने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में शादी की थी. मामला तूल पकड़ने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के निर्देश पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रकाश उरई के नेतृत्व में जांच हुई. इसमें पाया गया है कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को खरगोन के महेश्वर में हुआ था. इस हिसाब से उसकी उम्र 18 साल नहीं, बल्कि महज 16 साल के आसपास है. जांच में यह भी पाया गया है कि शादी के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए गए थे.
एक्शन में खरगोन पुलिस
आयोग के इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश में खरगोन पुलिस एक्शन में है. खरगोन की महेश्वर थाना पुलिस ने फरमान के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) में मामला दर्ज कर लिया है. उधर, आयोग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के डीजीपी से भी जवाब तलब किया है. वहीं मोनालिसा के परिजनों ने इसे ‘लव जिहाद’ बताते हुए मुखर विरोध शुरू कर दिया है. कहा कि यह एक पूरा सिंडिकेट है और फरमान इसका हिस्सा है.