असिस्टेंट प्रोफेसर का इंटरव्यू देने गई थी बीवी, डॉक्टर पति ने दिया तीन तलाक; बोला- मैं तो…

बरेली में एक महिला को उसके डॉक्टर पति ने तीन तलाक दे दिया है. महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू के दौरान हरिद्वार में थी, जब पति ने उसे रोका और तलाक दिया. पीड़िता ने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस एडीजी के निर्देश पर मामले की जांच कर रही है, जिसमें तेजाब फेंकने और दूसरी शादी की धमकी के आरोप भी शामिल हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश में बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां रहने वाली एक महिला को उसके डॉक्टर पति ने तीन बार तलाक-तलाक बोलकर संबंध तोड़ लिया है. इस घटना के वक्त महिला असिस्टेंट प्रोफेसर का इंटरव्यू देने गई थी. वापस लौटकर महिला ने पति और उसके परिवार वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और तीन तलाक देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

महिला का कहना है कि जब वह हरिद्वार में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए इंटरव्यू देने गई थी, तभी उसका पति वहां पहुंचा. उसने रास्ता रोककर उसके साथ विवाद करने की कोशिश की और इसी दौरान तीन तलाक दे दिया. इस मामले में एडीजी रमित शर्मा से शिकायत के बाद कैंट पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़िता रिजवाना तबस्सुम के मुताबिक वह कैंट थाना क्षेत्र के मलिक इन्क्लेव, नकटिया में रहती है. उसकी शादी 5 नवंबर 2019 को हरिद्वार के लक्सर तहसील स्थित गांव सुल्तानपुर आदमपुर निवासी डॉ. मुस्तकीम के साथ हुई थी.

अस्पताल के लिए मांग रहे थे दहेज

रिजवाना का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का व्यवहार बदल गया. पहले उनके जेवर छीन लिए गए, फिर कम दहेज लाने का ताना दिया जाने लगा. आरोपियों का कहना था कि मुस्तकीम एमबीबीएस डॉक्टर है, उसे आगे एमडी करनी है और अस्पताल बनाना है, इसलिए शादी में करोड़ों रुपये मिलने चाहिए थे. रिजवाना का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उनके पिता उन्हें टिहरी से बरेली ले आए.

बेटा होने के बाद हुआ था समझौता

इसी दौरान उसे बेटा हुआ. इसके बाद दोनों परिवारों में समझौता हुआ और वह दोबारा ससुराल गईं. लेकिन कुछ समय बाद फिर वही हालात बन गए. मार्च 2023 में वह दोबारा मायके लौट आईं. आरोप है कि इसके बाद पति ने व्हाट्सएप और ई-मेल के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजे और मानसिक रूप से परेशान किया. महिला का कहना है कि 3 जनवरी 2025 को वह अपने पिता के साथ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू के लिए हरिद्वार गई थीं. इसी दौरान पति, जेठ और दो अन्य लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और अपनी मांगें मनवाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर पति ने वहीं तीन तलाक बोल दिया.

तेजाब डालने की दी थी धमकी

रिजवाना ने अपनी तहरीर में बताया कि ससुराल वालों ने उन्हें गन्ने के कथित फर्जी सट्टे के मामले में शामिल करने का दबाव बनाया. परिवार के लोग 70 बीघा जमीन होने के बावजूद 600 बीघा का रकबा दिखाकर गन्ने की पर्चियों का भुगतान लेते हैं. इसमें उसके नाम से भी सट्टा खुलवाने का दबाव बनाया गया. विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई. महिला का आरोप है कि पति दूसरी शादी करने और तेजाब डालने की धमकी भी देता था.

कोर्ट में जाने पर भी दिया था तीन तलाक

रिजवाना ने बताया कि परिवार बचाने की उम्मीद में उसने कोर्ट का सहारा लिया. 3 जुलाई को सुनवाई थी. इस दौरान भी पति ने दोबारा तीन तलाक दिया. महिला का आरोप है कि पति ने यह भी कहा कि वह केवल शरीयत को मानता है, कानून और यूसीसी को नहीं. एडीजी के निर्देश पर कैंट पुलिस ने डॉक्टर पति समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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