मां-बाप पर चल रहा था जिस बेटी की हत्या का केस, दो साल बाद वह पहुंच गई थाने
बस्ती के कप्तानगंज की रहने वाले प्रियंका अपने पति से नाराज होकर मायके चली आई थी. फिर से यहां से भी बिन बताए कहीं और चली गई, जिसके बाद उसके माता-पिता पर हत्या का आरोप लगा. उनपर केस भी हुआ. अब वह बेटी जिंदा पाई गई है. कागजों में मुर्दा करार दी जा चुकी प्रियंका जब अचानक थाने पहुंची तो सभी के होश उड़ गए.
बस्ती में एक महिला की हत्या की जांत दो सालों से चल रही थी. अचानक मृत घोषित हो चुकी महिला पुलिस थाने पहुंच गई तो सबके होश फाख्ता हो गए. पुलिस को इस बात का तनिक भी अंदेशा नहीं था कि थाने में जिस महिला के हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है वह सही सलामत है. साथ ही किसी अन्य शख्स के साथ दूसरे शख्स के साथ हंसी-खुशी जीवनयापन कर रही है.
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिलखायें गांव की रहने वाली प्रियंका प्रजापति की कहानी बेहद अजीब और चौंकाने वाली है. संदीप नाम के शख्स के साथ उसकी शादी 14 मई 2017 को धूमधाम से हुई थी. 8 साल तक सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा. इस दौरान प्रियंका ने एक बेटे को भी जन्म दिया. लेकिन इस बीच पति और पत्नी के रिश्ते में अनबन शुरू हो गई.
दो साल पहले नाराज होकर चली गई थी प्रियंका
दो साल पहले प्रियंका नाराज होकर ससुराल से लाखों के जेवरात लेकर अपने मायके आ गई. फिर कुछ ही घंटे में वह अपने बच्चे को लेकर मायके से आत्महत्या के लिए निकल गई. उसने सुसाइड की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुई. थक हार कर वह अयोध्या में भगवान राम का दर्शन करने पहुंची. यहां उसकी मुलाकात राजस्थान के मंगल चंद्र से हुई.
मंगल चंद्र से मुलाकात के बाद प्रियंका सुसाइड करने का इरादा छोड़ा
मंगल चंद्र से मुलाकात होने के बाद कि प्रियंका ने आत्महत्या का इरादा छोड़ नए जीवन की शुरूआत का रास्ता चुना. प्रियंका और मंगल चंद्र राजस्थान चले गए और पति पत्नी की तरह जिंदगी बसर करने लगे. इधर पत्नी के गायब होने के बाद पति संदीप काफी परेशान हो गया, उसे लगा उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई है.
पति ने प्रियंका के मायके पहुंचकर पत्नी के बारे में जानकारी ली. उसे कुछ लोगों ने बताया कि प्रियंका के पिता ने जेवरों के लालच में अपनी बेटी और उसके बच्चे की हत्या कर लाश को सरयू नदी में फेंक दिया है. इसके बाद संदीप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने प्रियंका के माता-पिता पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश पुलिस को दे दिया.
पिता और मां के खिलाफ हत्या का मुकदमा किया गया दर्ज
4 नवंबर 2024 को कप्तानगंज थाने में प्रियंका के पिता दयाराम, मां सुभावती देवी, चाचा की लड़की संजना और एक अन्य ग्रामीण अशोक कुमार मौर्य के खिलाफ प्रियंका की हत्या और सुबूत मिटाने की गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया गया. ये सभी चार लोग पुलिस की नजर में उस जुर्म के आरोपी बन चुके थे जो उन्होंने किया ही नहीं था, प्रियंका बिना बताए घर से निकली और उसकी हत्या का दंश उसके पिता 2 साल तक झेलते रहे.
ऐसे सामने आई सच्चाई
धीरे धीरे समय बीतते गया और सच सामने आने लगा. प्रियंका के पति संदीप को शक हुआ कि उसके पत्नी की हत्या नहीं हुई है. इसके उसने पुलिस से मदद मांगी. एक रोज संदीप के मोबाइल पर प्रियंका के आधार कार्ड में नाम और फोटो बदलने के लिए ओटीपी का मैसेज आया. उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी. फिर पुलिस ने प्रियंका को राजस्थान से खोज निकाला.
प्रियंका को पिता और पति दोनों अपनाने को तैयार नहीं
अब प्रियंका समाज के सामने बाकायदा जिंदा होकर आ चुकी है. पुलिस के लिए सिरदर्द बनी प्रियंका बेनकाब हो चुकी है. प्रियंका के पिता और मां अपनी ही बेटी की हत्या के आरोपों से अब बरी हो चुके हैं. प्रियंका को अब न तो उसके पिता अपनाना चाहते और न ही उसका पति ही उसे साथ रखने को तैयार है.
संदीप को पिता मानने को तैयार नहीं बेटा
रिश्तों की डोर इस कदर कमजोर हो चुकी है कि अब प्रियंका खुद भी पति या पिता के साथ रहने के बजाए अपने दूसरे पति मंगल चंद्र के साथ रहना चाहती है. उधर संदीप अपने बच्चे को साथ रखना चाहते हैं, लेकिन बच्चा अब उसे अपना पिता मानने को तैयार नहीं है.
