आधी रात मजार पर बुलडोजर एक्शन पर भड़के सांसद चंद्रशेखर आजाद, अधिकारियों को लताड़ा; FIR की चेतावनी
बिजनौर में आधी रात को एक मजार की दीवार ढहाए जाने के बाद विवाद गरमा गया है. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अधिकारियों को बिना उचित आदेश कार्रवाई करने पर कड़ी फटकार लगाई. इसे प्रशासनिक मनमानी बताते हुए दोषियों पर FIR और संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी दी.
बिजनौर के धामपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय भारी राजनीतिक और सामाजिक गर्माहट देखने को मिली, जब नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद मजार विवाद के बाद खुद मैदान में उतर आए. हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर टीचर्स कॉलोनी के समीप स्थित हजरत नासिर बाबा की मजार (दरगाह) के रास्ते की दीवार को प्रशासन द्वारा देर रात ढहाए जाने के विरोध में दिनभर तनातनी का माहौल बना रहा.
क्या है पूरा विवाद
टीचर्स कॉलोनी के कुछ निवासियों ने मुख्यमंत्री, डीएम, एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि मजार के पास राजस्व अभिलेखों में दर्ज रास्ता केवल पैदल चलने वालों के लिए खुला है. इसे पूरी तरह खुलवाया जाए. इस शिकायत और दो दिन पहले हुई पैमाइश के आधार पर, शुक्रवार रात लगभग 8 बजे मजार की दीवार को JCB से ध्वस्त कर दिया.
इस दौरान पुलिस और राजस्व प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद रही. लेकिन बुलडोजर कार्रवाई की खबर मिलते ही मुस्लिम समाज और आजाद समाज पार्टी (ASP) के कार्यकर्ता भारी संख्या में जमा हो गए. इस दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद के प्रतिनिधि विवेक सेन और धामपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) अंजनी कुमार चतुर्वेदी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई.
सांसद चंद्रशेखर ने अधिकारियों से मांगे जवाब
पुलिस से नाराजगी के चलते कार्यकर्ता और स्थानीय लोग देर रात 2 बजे तक दरगाह पर धरने पर बैठे रहे. वहीं, शनिवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने धामपुर आवास पर पहुंचे. दोपहर में दरगाह के गद्दीनशीन फिरासत अहमद और अन्य लोग अपने दस्तावेजों के साथ सांसद से मिले. इसके बाद पुलिस को तलब किया. ़
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि यह कार्रवाई किस आदेश और किन राजस्व अभिलेखों के तहत की गई. तो अधिकारी मौके पर कोई भी पुख्ता सरकारी कागज या अतिक्रमण साबित करने वाला रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके. इस पर सांसद ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा. इसे प्रशासनिक मनमानी बताते हुए दोषियों पर FIR की चेतावनी दी.
संसद के भीतर मुद्दा उठाने की भी दी चेतावनी
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, ‘बिना किसी पर्याप्त नोटिस, ठोस तथ्य और दस्तावेजों के आधी रात को की गई यह कार्रवाई सीधे तौर पर प्रशासनिक मनमानी और तानाशाही है. किसी भी धार्मिक स्थल या नागरिक के साथ ऐसा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’ उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी.
साथ ही कहा कि इस तानाशाही और असंवैधानिक कृत्य के खिलाफ आगामी सत्र में संसद के भीतर मुद्दा उठाया जाएगा. वही, सांसद के कड़े रुख के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ अपने एक प्रतिनिधिमंडल को दोबारा मौके पर वास्तविक नापजोख (पैमाइश) के लिए भेजा है. फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस के साथ पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात हैं.