मुरादाबाद में पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ाया, अब जिला पंचायत सदस्य पहुंचा जेल

मुरादाबाद में गाजियाबाद पुलिस पर हुए हमले और साइबर ठग को भगाने के मुख्य आरोपी, जिला पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस 1 करोड़ से अधिक के साइबर धोखाधड़ी मामले में आरोपी को पकड़ने गई थी, जब शम्मू ने खाकी पर हमला कर उसे कस्टडी से छुड़ा लिया था.

पुलिस पर हमला, साइबर ठग को भगाने वाला जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार Image Credit:

मुरादाबाद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक बड़े मामले में कानून का शिकंजा कस गया है. पुलिस ने शुक्रवार देर रात जिला पंचायत सदस्य और एमजेपी इंटर कॉलेज के संचालक मोहम्मद शामी उर्फ शम्मू को धर-दबोचा है. शामी गाजियाबाद पुलिस की साइबर सेल पर जानलेवा हमला करने और वांछित अपराधी को भगाने का मुख्य साजिशकर्ता था.

गाजियाबाद साइबर सेल की टीम एक करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी के सुराग तलाशते हुए मूंढापांडे इलाके में आरोपी राशिद अली को पकड़ने पहुंची थी. इस दैरान जिला पंचायत सदस्य ने अपने सगे भाइयों राशिद समेत करीब 18 उपद्रवियों के साथ मिलकर खाकी वर्दी पर लाठी-डंडों से धावा बोल दिया था, और राशिद अली को कस्टडी से जबरन छुड़ा लिया था.

आरोपी पर पहले से 11 आपराधिक मामले दर्ज थे

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस विशाल वित्तीय धोखाधड़ी की अवैध रकम में से लगभग 43 लाख 29 हजार रुपये मुरादाबाद के स्थानीय निवासी राशिद अली के बैंक खाते में भेजे गए थे. इसी मुख्य संदिग्ध को हिरासत में लेने आई सरकारी टीम पर अचानक हमला बोल दिया गया था. पुलिस के मुताबिक उस पर पहले से ही संगीन धाराओं में ग्यारह आपराधिक मामले दर्ज हैं.

इस दुस्साहसिक के बाद मूंढापांडे थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर रिंकू सिंह की लिखित शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और तत्परता दिखाई और मुख्य आरोपी शामी को रात में ही दबोच लिया. अब आरोपी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, उस पर रंगदारी वसूलने, गवाहों को धमकाने और सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे करने के नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने में भी FIR

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ दो अन्य गंभीर शिकायतें भी दर्ज की गई हैं. पहली प्राथमिकी मूंढापांडे की निवासी गुले रुखसार ने दर्ज कराई है, जिसका आरोप है कि शामी ने उसके भाई अनवर को एक पुराने दहेज उत्पीड़न के मामले में पैरवी न करने के लिए जान से मारने की सीधी धमकी दी थी. दूसरी बयाना के आसिफ द्वारा अवैध वसूली और रंगदारी का है.

इसके अलावा, प्रशासन को यह भी शिकायतें मिली हैं कि आरोपी मोहम्मद शामी ने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, जिसकी जांच राजस्व विभाग को सौंप दी गई है. फिलहाल मुख्य आरोपी को जेल भेजकर बाकी बचे फरार दंगाइयों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुट गई है.

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