बिजनौर में सियासी तूफान, नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद हाउस अरेस्ट, निकालने वाले थे ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’

आजाद समाज पार्टी (ASP) ने आज 4 जून को 'व्यवस्था परिवर्तन दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की थी. इसी को लेकर आज नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर सत्ता परिवर्तन यात्रा निकालने वाले थे. लेकिन उससे पहले पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है.

सांसद चंद्रशेखर हाउस अरेस्ट Image Credit:

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को बिजनौर पुलिस-प्रशासन ने उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है. गुरुवार सुबह तड़के ही उनके आवास पर कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई और घर के बाहर बैरिकेडिंग लगा दी गई. प्रशासन का यह बड़ा कदम उस समय आया है, जब चंद्रशेखर आज बिजनौर से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर अपनी प्रदेशव्यापी ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ का आगाज करने वाले थे.

आजाद समाज पार्टी ने किया था ये ऐलान

आजाद समाज पार्टी (ASP) ने आज 4 जून को ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी. इसी ऐतिहासिक दिन पर बिजनौर से ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ शुरू होनी थी, जो प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक जाने वाली थी. लेकिन जैसे ही कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हुआ, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सांसद चंद्रशेखर आजाद को घर के अंदर ही डिटेन कर लिया.

आजाद समाज पार्टी का सरकार पर तीखा हमला

चंद्रशेखर आजाद को हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से सरकार पर तीखा हमला बोला गया है. आजाद समाज पार्टी के ट्वीटर हैंडल पर लिखा गया कि “आज ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ से प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर चन्द्रशेखर आजाद को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना बेहद निंदनीय है. लोकतंत्र में जनता की आवाज को पुलिस बल और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता.” पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि चंद्रशेखर आजाद को तुरंत रिहा किया जाए.

क्या है चंद्रशेखर की ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’?

उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस चुनाव को लेकर चंद्रशेखर आजाद की पार्टी जमीन पर अपनी ताकत मजबूत करना चाहती है. उनका कहना है कि इस यात्रा के जरिए वे बहुजन समाज की राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं. साथ महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और चरमराई कानून-व्यवस्था को लेकर चंद्रशेखर आजाद जनता के बीच जाने वाले थे.

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