10 हजार अश्लील वीडियो, 40000 फोटो… इंजीनियर का ‘गंदा धंधा’, खाते में मिले 1.2 करोड़ रुपये
हरदोई साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे बीटेक पास इंजीनियर को पकड़ है जो पिछले 6 सालों से अश्लील वीडियो और फोटोज का बिजनेस कर रहा है. वह इस गंदे धंधे को टेलीग्राम और इंस्टाग्राम ऐप के माध्यम से अंजाम दे रहा था. इसके लिए वह बकायदे सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत पैसे भी चार्ज करता था. पुलिस को उसके खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली है.
जिस बेटे से परिजनों को पढ़-लिखकर परिवार का नाम रोशन करने की जिम्मेदारी थी, वही अब अपने मां-बाप के लिए शर्मिंदगी की वजह बन गया. दरअसल, हरदोई की साइबर थाना पुलिस ने एक विकास सिंह नाम के बीटेक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि वह करियर छोड़कर इंटरनेट की अंधेरी दुनिया का ‘पोर्न मास्टरमाइंड’ बन गया था. उसने टेलीग्राम पर अश्लीलता का बहुत बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था.
दरअसल, कुछ दिन पहले एक नाबालिग छात्र का अश्लील वीडियो टेलीग्राम चैनल पर अपलोड किया गया था. इस मामले में पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने जब इस मामले में जांच आगे बढ़ाई तो उसे पता चला कि इस वीडियो को वायरल करने के पीछे विकास सिंह नाम का शख्स है.
बीटेक की पढ़ाई, लेकिन नौकरी की बजाय शुरू किया गंदा धंधा
पुलिस ने जब विकास सिंह की जानकारी जुटाई तो पता चला कि उसने साल 2019 में प्रयागराज के यूनाइटेड कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी. पढ़ाई पूरी करने के बाद विकास नौकरी तलाशने की बजाय अपने कमरे में ही बंद रहकर घंटों लैपटॉप और मोबाइल पर इंटरनेट खंगालता रहता. इसी दौरान अश्लील वीडियो और फोटोज तलाशना उसकी आदत में शुमार हो गया.
विकास ने ऐसे खड़ा कर लिया था अश्लील वीडियो का नेटवर्क
साल 2020 में उसने इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर सीक्रेट तरीके से नेटवर्क बनाना शुरू किया. इस दौरान उसने 21 सीक्रेट चैनल और ग्रुप तैयार कर लिए. इन चैनलों पर अश्लील वीडियो, आपत्तिजनक फोटो और प्राइवेट क्लिप डाले जाते हैं. उसके चैनल्स पर तकरीबन 10 हजार गंदे वीडियोज और 40 हजार आपत्तिजनक फोटोज पुलिस को बरामद हुईं. पुलिस जांच के मुताबिक उसने अपने नेटवर्क पर 7 हजार से ज्यादा यूजर्स जोड़ रखे थे. इसमें 8वीं से 12वीं तक के नाबालिग छात्र भी शामिल थे.
गंदे धंधे को विकास ने ऑनलाइन बिजनेस बना दिया था
पुलिस के मुताबिक विकास ने अपने चैनल्स को अश्लील धंधे का बिजनेस बना रखा था. उन वीडियोज को देखने के लिए उसने सब्सक्रिप्शन प्लान तैयार कर रखा था. 350 रुपए में मंथली प्लान, 450 रुपए में क्वार्टरली प्लान और 600 रुपए में हाफ इयरली प्लान देकर, अपने प्राइवेट चैनलों पर गंदे वीडियोज को देखने के लिए एक्सेस देता था.
तकनीक की मदद से करता था गंदा धंधा
पुलिस का कहना है कि आरोपी विकास तकनीकी तौर पर बेहद शातिर था. वीडियो के छोटा क्लिप या स्क्रीनशॉट के आधार पर भी वह कई तकनीकों की मदद से वीडियोज के अश्लील लोकेशन और ओरिजनल फाइल तक पहुंच जाता था. फिर उस वीडियो को डाउनलोड करने के बाद अपने प्राइवेट चैनल पर अपलोड कर देता था.
ऐसे पुलिस की गिरफ्त में आया विकास
पुलिस ने विकास को पकड़ने के लिए पहले मुखबिर के जरिए आरोपी के चैनल का सब्सक्रिप्शन लेने की कोशिश की. इसके लिए विकास सिंह ने 350 रुपये मांगे और अपना बैंक अकाउंट भेज दिया. यहीं से विकास सिंह के पोल खुलती गई और वह पुलिस के शिकंजे में फंसता चला गया. साइबर पुलिस को विकास के खातों से तकरीबन 1 करोड़ 20 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी सामने आई. फिलहाल, पुलिस ने खाता फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
आरोपी विकास को जेल भेजा गया
फिलहाल, विकास सिंह को एसडीएम सदर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया. उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा-67 और आईपीसी की धारा-294 समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंटरनेट के अलावा उसके पास अश्लील वीडियो के कौन-कौन से स्रोत थे. साथ ही उसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था.
