क्या बुलंदशहर की शिखा का 113वीं रैंक का दावा फर्जी? जानें क्यों कहा जा रहा ऐसा
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113वीं रैंक पाने का दावा बुलंदशहर की शिखा गौतम ने किया था. लेकिन इसी रैंक पर दिल्ली की रहने वाली शिखा ने भी अपने चयन की बात कही थी. उन्होंने यूपीएससी से इस पर स्पष्टीकरण मांगा. अब जांच में बुलंदशहर की शिखा गौतम का आईएस बनने का दावा फर्जी निकला.
बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट आने के बाद 113वीं रैंक रैंक पाने का दावा किया था. उनके नाम पर जिले में बधाइयों और जश्न का दौर भी चला. चपरासी की बेटी शिखा के AIR-113 हासिल करने की खबर से परिवार और समाज में खुशी का माहौल रहा. शहर का हर बड़ा व्यक्ति उनके घर बधाई देने पहुंचा. लेकिन अब IAS बनने का उनका दावा फर्जी बताया जा रहा है.
दरअसल, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के 113वीं रेंक के लिए दिल्ली की शिखा गौतम का भी दावा सामने आया. उन्होंने बुलंदशहर की शिखा के दावे को गलत बताते हुए इस रैंक पर अपने चयन की बात कही. उनका UPSC साक्षात्कार समन पत्र और रोल नंबर सोशल मीडिया पर वायरल है. उन्होंने यूपीएससी को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की थी.
जांच में बुलंदशहर की शिखा गौतम का दावा फर्जी निकला
कहा जा रहा है UPSC की तरफ से बुलंदशहर की डीएम को जांच का निर्देश दिया गया था. डीएम एसडीएम सदर जांच कराकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था एडीएम ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को जांच के लिए शिखा गौतम के घर भेजा. सदर तहसील प्रशासन की जांच में बुलंदशहर के शिखा गौतम का आईएस बनने का दावा झूठा निकला. सूत्रों के मुताबिक वह यूपीएससी की मुख्य परीक्षा ही पास नहीं कर पाई थीं.
दिल्ली की रहने वाली शिखा का है 113वां रैंक
दावा किया जा रहा है कि असल में यूपीएससी की 113वीं रैंक दिल्ली की रहने वाली शिखा का है. इसको लेकर कई प्रमाण भी सोशल मीडिया पर वायरल है. फिलहाल, वह हरियाणा में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के पद पर कार्यरत हैं. अब प्रशासन की जांच में बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम का दावा आईएस बनने का दावा फर्जी निकला है.
बिहार की अकांक्षा सिंह ने भी किया था ऐसा दावा
बता दें यूपीएससी की रैंक को लेकर ये फर्जीवाड़े का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले बिहार की अकांक्षा सिंह ने यूपीएससी परीक्षा की 301वीं रैंक पर अपना दावा किया था. लेकिन उनका ये दावा फर्जी निकला. यूपीएससी ने लेटर जारी कर बताया है कि रैंक 301 उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह की है. बिहार की अंकाक्षा सिंह का दावा फर्जी है.
