IAS अभिषेक प्रकाश का निलंबन खत्म, इस तारीख से प्रभावी होगा बहाली का आदेश, लगे थे ये गंभीर आरोप

आईएस अभिषेक प्रकाश पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा था. फरवरी 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए संबंधित चार्जशीट और आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सरकार ने आईएस अभिषेक प्रकाश को बहाल कर दिया है.

IAS अभिषेक प्रकाश

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2006 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बहाल करने का फैसला लिया है. शासन के सूत्रों के अनुसार, उनकी बहाली 14 मार्च 2026 के बाद से प्रभावी मानी जाएगी. हालांकि, नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है.ॉ

अभिषेक प्रकाश इन्वेस्ट यूपी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रह चुके हैं, सोलर पावर प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा था.मार्च 2025 में राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था. आरोपों के अनुसार, एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट क्लियरेंस के लिए 5% कमीशन की मांग की गई थी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अभिषेक प्रकाश को दी थी राहत

यह शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी. उनके निर्देश पर एसआईटी जांच के साथ कार्रवाई हुई. हालांकि, फरवरी 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में बड़ी राहत देते हुए संबंधित चार्जशीट और आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया. अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और शिकायतकर्ता की ओर से गलतफहमी की बात को आधार बनाया.

हाईकोर्ट के आदेश के सरकार ने लिया बहाली का निर्णय

कोर्ट के इस फैसले के बाद अभिषेक प्रकाश की बहाली का रास्ता साफ हो गया था. निलंबन नियमों के तहत एक साल पूरा होने से पहले केंद्र सरकार कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य है. सूत्रों का कहना है कि निलंबन अवधि के नियमित निपटारे और हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए राज्य सरकार ने बहाली का निर्णय लिया है.

अभिषेक प्रकाश को जल्द सौंपी जा सकती है नई जिम्मेदारी

बहाली के बाद अभिषेक प्रकाश को जल्द ही कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. यह मामला उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में चर्चा का विषय रहा, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई हुई थी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य न मिलने पर राहत मिली. अभिषेक प्रकाश आईआईटी रुड़की से स्नातक और यूपीएससी में उच्च रैंक हासिल करने वाले अधिकारी हैं, जिन्होंने लखनऊ जिलाधिकारी समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है.

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