‘कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं’; साइबर फ्रॉड पर सीएम योगी ने जनता को किया आगाह

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर जनता के नाम एक पाती साझा की है. इस बार उन्होंने जनता को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने की कोशिश की है. उन्होंने योगी की पाती में लिखा है कि देश के किसी भी कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो)

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेश की जनता के नाम एक विशेष पत्र योगी की पाती साझा किया. इसबार उन्होंने प्रदेश की जनता को डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी और अन्य साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया है. सीएम योगी ने अपने पत्र में लिखा कि मोबाइल और कंप्यूटर ने जीवन को आसान बनाया है लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी की चुनौतियों में भी इजाफा हो गया है.

सीएम योगी ने कहा कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है. अपराधी डिजिटल अरेस्ट जैसे झूठे शब्दों का इस्तेमाल कर नागरिकों को डराते और धमकाते हैं. पुलिस पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया के माध्यम से ना किसी को अरेस्ट करती है. ना ही किसी से कभी पैसों की डिमांड करती है.

पहले सिर्फ 2 साइबर थाने थे अब 75

प्रदेश में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में क्या हुआ इसको लेकर सीएम योगी ने अपने पत्र में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 2 साइबर क्राइम थाने थे. हमारी सरकार के प्रयास से प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने हैं. सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी बनाई गई है.

सोशल मीडिया के इस्तामाल में सावधानी बरतें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनता के नाम लिखे पत्र में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की भी सलाह दी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से साझा की गई तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन का उपयोग अपराधी सूचनाएं जुटाने के लिए करते हैं.

हेल्पलाइन नंबर 1930′ पर रिपोर्ट करें

सीएम योगी ने कहा कि कभी भी किसी से अपनी व्यक्तिगत जानकारी और ओटीपी साझा न करें. अगर किसी के साइबर अपराध जैसी स्थिति हो जाती है तो तत्काल ‘हेल्पलाइन नंबर 1930’ पर रिपोर्ट करें. जितनी जल्दी ठगी की जानकारी आप पुलिस को देंगे उतना ही पैसे की रिकवरी के चांस बना रहेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने और प्रदेश को साइबर अपराध मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की है.