29 अप्रैल को राम जन्मभूमि के शिव मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराएंगे सीएम योगी, 700 से ज्यादा मेहमान रहेंगे मौजूद

29 अप्रैल (बुधवार) को शाम 5 बजे राम जन्म भूमि के शिव मंदिर पर ध्वजारोहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया जाएगा.ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद श्रद्धालु मंदिर परिसर में दर्शन कर सकेंगे. इस कार्यक्रम में करीबन 700 मेहमान शामिल होंगे.

शिव मंदिर

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के सभी मंदिरों में देवी-देवताओं के प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर रामलला, माता अन्नपूर्णा, सूर्यदेव, हनुमान जी और गणेश मंदिरों के शिखरों पर ध्वजारोहण हो चुका है. अब शिव मंदिर पर ध्वजारोहण की तैयारी है. शिव मंदिर पर ध्वजारोहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अप्रैल को करेंगे.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि वैशाख शुक्ल त्रयोदशी 29 अप्रैल (बुधवार) को शाम 5 बजे शिव मंदिर पर ध्वजारोहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया जाएगा. ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद श्रद्धालु मंदिर परिसर में दर्शन कर सकेंगे. इस कार्यक्रम में करीबन 700 मेहमान शामिल होंगे. मेहमानों के लिए खास व्यवस्था की जाएगी.

मेहमानों के लिए व्यवस्था

आमंत्रित मेहमानों को रंगमहल आश्रम (रामकोट) की ओर से अमावा राम मंदिर होते हुए रामगुलेला मंदिर बैरियर की ओर से और बिरला धर्मशाला के सामने जगद्गुरु रामानन्दाचार्य द्वार से प्रवेश मिलेगा. वहीं, इनके लिए पार्किंग व्यवस्था टेढ़ी बाजार चौराहे पर अरुन्धती भवन पार्किंग, टेढ़ी बाजार से गोकुल भवन की ओर और ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के पास की गई है. वहीं, कार्यक्रम के लिए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता की जा रही है. पुलिस और प्रशासन की टीमें भी सुरक्षा में तैनात रहेंगी. इस दौरान मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जाएगा.

वेबसाइट से हटा विशिष्ट दर्शन की व्यवस्था

बता दें कि हाल में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट से ट्रस्ट ने ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था को सरल बनाते हुए ‘विशिष्ट दर्शन’ का विकल्प हटा दिया है. अब श्रद्धालु वेबसाइट पर सिर्फ सुगम दर्शन व सामान्य दर्शन के लिए पंजीकरण कर सकते हैं. अब वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन बुकिंग करने वाले श्रद्धालुओं को अब एक ही श्रेणी में दर्शन की सुविधा मिलेगी. सुगम दर्शन पास पर श्रद्धालुओं को रामलला व राम परिवार के दर्शन होंगे. जबकि सामान्य दर्शन पास पर रामलला, राम परिवार समेत सप्तमंडपम, कुबेर टीला व सप्तमंडपम के दर्शन होंगे.

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